मोदी सरकार के फैसले पर RSS का भी विरोध, लेबर कोड को लेकर…

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भाजपा के वैचारिक संगठन माने जाने वाले आरएसएस और मोदी सरकार में कुछ असहमतियां देखने को मिल रही हैं। आरएसएस का संगठन भारतीय मज़दूर संघ ने लेबर कोड को लेकर अपना विरोध जताया है। सरकार ने मंगलवार के दिन 3 नए लेबर कोड बिल पेश किए जिसको लेकर अब विवाद छिड़ गया है। इसका विरोध करते हुए भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने अपनी बात आगे रखी। उन्होंने कहा कि लोकसभा द्वारा पास किए गए इन बिलों का हम विरोध करते हैं।

उन्होंने कहा,”जिस तरह से सरकार ने तीन लेबर कोड बिल पारित किए हैं, हम उसका विरोध करते हैं। सरकार ने लेबर कोड बिल जल्दबाजी में पारित कराएं, जो ठीक नहीं हैं। इस पर विस्तार से चर्चा नहीं हो पाई। सरकार ने हमारी महत्वपूर्ण मांगें नहीं मानी हैं। हमने मांग की थी कि सोशल सिक्योरिटी कोड के तहत मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था यूनिवर्सलाइज करनी चाहिए। यानी देश के हर मजदूर को सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का फायदा मिलना चाहिए लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया।”

साथ ही उन्होंने ये भी कहा, “हमने सरकार से ये भी मांग की थी कि कोड ऑन ऑक्यूपेशनल सेफ्टी में जो सुरक्षा के प्रावधान हैं, वर्करों के लिए उसे भी यूनिवर्सलाइज किया जाए लेकिन जो बिल पारित हुआ है उसमें हजार्ड इंडस्ट्री में सुरक्षा सिर्फ उन मजदूरों को दी जाएगी, जो उन निकायों में काम करते हैं, जहां 10 या 10 से ज्यादा मजदूर काम करते हैं।”

अपनी बातों को आगे बढ़ते हुए पवन कुमार ने कहा,”इसको लेकर भारतीय मजदूर संघ का एक बड़ा विरोध सरकार के सामने है। हमारी इस बात पर कड़ी आपत्ति है कि सोशल सिक्योरिटी कोड बिल में ESIC और EPFO यानी भविष्य निधि से जुड़ी सुविधाएं देश के हर वर्कर को मिलनी चाहिए। सरकार ने हमारी इस मांग को बिल में शामिल नहीं किया है। भारतीय मजदूर संघ की 2 से 4 अक्टूबर के बीच 3 दिनों की एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस होगी, जिसमें 3000 डेलिगेट्स भाग लेंगे। इस बैठक में हम इस मसले पर अपनी आगे की रणनीति तय करेंगे।”