कृषि कानूनों के समर्थन में बोले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पिछले 6 साल से…

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शुक्रवार से दशक का पहला बजट सत्र (Budget Session) शुरू होने जा रहा है। इस मौके पर देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) ने अपने अभिभाषण में कृषि कानूनों का समर्थन किया। साथ ही उन्होंने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का सम्मान भी करते हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि “आत्मनिर्भर भारत के लिए कृषि का आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी है। पिछले 6 साल में हमारी सरकार ने बीज से लेकर बाजार तक कई सकारात्मक पहल किए हैं। स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट भी लागू की है जिससे किसानों को उनकी उपज का डेढ़ गुना एमएसपी मिल सके।”

उन्होंने कहा कि “आज देश में 80% से ज्यादा छोटे किसान हैं। इनकी संख्या 10 करोड़ से ज्यादा है। तीन महत्वपूर्ण कृषि विधेयकों की वजह से जो कृषि सुधार हुए हैं उनका 10 करोड़ से ज्यादा छोटे किसानों को फायदा मिलना शुरू हुआ है। मेरी सरकार नए कानूनों के संदर्भ में भ्रम दूर करने की कोशिश कर रही है।” उन्होंने आगे कहा कि “मेरी सरकार यह स्पष्ट करना चाहती है कि तीन नए कृषि कानून बनने से पहले, पुरानी व्यवस्थाओं के तहत जो अधिकार थे तथा जो सुविधाएं थीं, उनमें कहीं कोई कमी नहीं की गई है. बल्कि इन कृषि सुधारों के जरिए सरकार ने किसानों को नई सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ नए अधिकार भी दिए हैं।

बता दें कि 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों ने अपनी ट्रैक्टर परेड निकली थी। इस बीच पुलिस उनका उनका टकराव हो गया। दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के तहत हुई हिंसा को लेकर उन्होंने कहा कि “राष्ट्रीय झंडा और गणतंत्र दिवस जैसा पावन दिन पिछले कुछ दिनों में अपमानित हुआ है। जो संविधान हमें अभिव्यक्ति की आज़ादी देता है, वही संविधान हमें यह भी सिखाता है कि हमें कानून व्यवस्था का गंभीरता से पालन करना है।” इसके साथ ही उन्होंने देश में फैल रही कोरोनावायरस की महामारी को लेकर भी कुछ बातें कहीं। उन्होंने कहा कि “देश ने इस महामारी का एकजुट होकर मुकाबला किया। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चला रहा है। कोरोनावायरस वैक्सीन भारत में ही निर्मित हुआ है। इस महामारी की वजह से हमने अपने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को खोया है। छह सांसद भी असमय चले गए. मैं उनको श्रद्धांजलि देता हूं।”