केरल विमान हा’दसे के बाद ईश्वर का शुक्रिया अदा कर रहे दो भारतीय, अंतिम समय पर…

0
316

केरल के कोझिकोड में एक भया’नक हा’दसा हुआ एयर इंडिया का एक विमान शुक्रवार को कोझिकोड में लैंड होते वक़्त फ़िसलने के कारण विमान क्रै’श हो गया और विमान दो टुकड़ों में टूट गया। एयर इंडिया का बोइंग 737 विमान केरल के कोझिकोड में शाम 7 बज कर 41 मिनट पर लैंड करते वक़्त हवाईपट्टी से फिसल गया था। विमान में सवार 18 लोगों की मौ’त हो गयी। विमान में 10 नवजात बच्चों समेत 184 यात्री, दो पायलट और चालक दल के चार सदस्य थे। वहीं शारजाह के एक स्कूल में ऑफिस ब्वॉय का काम करने वाले अजमान के रहने वाले नोफाल मोईन वेट्टन ने विमान का टिकट बुक करवाया था और दिए गए वक़्त के मुताबिक़ चेक इन भी कर लिया था। लेकिन वह उस विमान में सवार होने से रह गए मल्लापुरम के वेट्टन का एक हफ्ते पहले वीजा र’द्द हो गया था।

नोफाल मोईन वेट्टन ने बताया कि, “मुझे मेरा बोर्डिंग पास मिल गया था लेकिन जब मैं आव्रजन काउंटर पर पहुंचा तो उन्होंने बताया कि मुझे तय समय से अधिक वक्त तक रुकने के कारण 20,430 रुपये अदा करने होंगे लेकिन मेरे पास केवल 10,215 रुपये ही थे।” नोफाल मोईन द्वारा बताया गया कि, “मैंने अपने स्कूल के पीआरओ को फोन लगाया तो उन्होंने मुझे लौट आने को कहा। उन्होंने कहा कि वह नियमों का पालन करेंगे और मुझे भेजने से पहले जु’र्माना भरेंगे।”

नोफाल मोईन वेट्टन इस बात काफी निराश हुए और उन्हीने इस बात कि खबर अपने घर वालों को भी दी नोफाल ने कहा, “जब मुझे दुर्घ’टना के बारे में पता चला तो सभी यात्रियों के लिए मुझे बहुत दु’ख हुआ। लेकिन इस बात से बड़ी राहत मिली कि मेरा विमान छूट गया। अल्लाह बहुत दयालु है।” वहीं विमन हा’दसे से अबु धाबी के रहने वाले अफसल पर्राकोडन भी सलामत रहे।

अफसल पर्राकोडन द्वारा बताया गया कि, “हफ्ते भर पहले मेरा कामकाजी वीजा ख’त्म हो गया था। बोर्डिंग पास मिलने के बाद बताया गया कि मुझे आव्रजन काउंटर पर 1,000 दिरहम (20,430 रुपये) अदा करने होंगे लेकिन तब मेरे पास केवल 500 दिरहम (10,215 रुपये) ही थे। मैं विमान में चढ़ना चाहता था और अपने परिवार के पास पहुंचना चाहता था इसलिए मैंने अपने एक दोस्त को फोन लगाया और वह मेरे लिए 500 दिरहम ले आया। लेकिन तब तक मेरा सामान विमान से उतार दिया गया था और विमान के दरवाजे बंद हो चुके थे।” पर्राकोडन ने इस बारे में बताया कि, “मैं बहुत दु’खी था और मां को फोन कर बताया कि मेरा विमान छूट गया है। लेकिन कुछ घंटे बाद विमान दुर्घ’टना के बारे में पता चला। मेरा जीवन बचाने के लिए मैंने ऊपर वाले का शुक्रिया अदा किया।”