बुखार के बावजूद बनारस में सोनिया ने किया रोड शो

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वाराणसी : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से अपनी पार्टी का बिगुल फूंकते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को यहां एक बड़ा रोड शो किया. सर्किट हाउस से इंग्लिशिया लाइन तक आठ किमी लंबे रोड शो में कांग्रेस के हजारों समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया. हालांकि, रोड शो के खत्म होने से कुछ देर पहले ही सोनिया गांधी को वायरल हो गया, जिसके बाद उन्हें यह कार्यक्रम छोड़ कर दिल्ली जाना पड़ा.
इससे पहले, सर्किट हाउस में सोनिया गांधी ने बीआर आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मार्च की शुरुआत की और इस पवित्र शहर की गलियों और संकरे मार्गों से सफर तय किया. सोनिया शुरू में कार में सफर कर रही थीं, लेकिन बाद में एक वाहन में सवार हुईं, जिसकी छत खुली हुई थी और उन्होंने मोदी सरकार के खिलाफ नारे लगाती हुई जनता का हाथ हिला कर अभिवादन किया. वह मुसलिम महिलाओं के समूह सहित समर्थकों का अभिवादन स्वीकार करने के लिए कई बार वाहन से बाहर निकलीं.
रोड शो कई इलाके से गुजरा और सोनिया और उनके काफिले पर गुलाब के फूल की वर्षा की गयी. कई मिनी ट्रक पर पोस्टर पर नारे लगे थे ‘27 साल, यूपी बेहाल’. सैकड़ों कार्यकर्ताओं के हाथों में यही नारे लिखी हुई तख्तियां थीं. वहीं, सोनिया गांधी ने ‘दर्द ए बनारस’ अभियान की शुरुआत की. इस मौके पर पार्टी के मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार शीला दीक्षित, कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद, राज्य पार्टी के प्रमुख राजबब्बर और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी तथा संजय सिंह भी सोनिया के साथ थे.
जब सोनिया गांधी एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल पर पहुंची, तो 10 हजार मोटरसाइकिल सवार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले की अगुआई की. मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद सोनिया की यह पहली वाराणसी यात्रा है. हालांकि, वह यहां कार्यकर्ताओं को संबोधित नहीं कर सकी.
कांग्रेस 27 वर्षों से उत्तरप्रदेश की सत्ता से बाहर है. पार्टी यूपी में दोबारा सरकार बनाने के लिए कमर कस ली है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में वाराणसी मुख्य स्थान है. राज्य के 403 विधानसभा क्षेत्रों में से 160 पूर्वी उत्तर प्रदेश में पड़ते हैं. 2014 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने केवल दो सीटें – अमेठी और रायबरेली पर जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा और इसकी सहयोगी अपना दल को 80 में से 73 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का असर 2019 के लोकसभा चुनाव पर भी होगा.
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि राज्य के सत्तारूढ़ दल समाजवादी पार्टी के कारण कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी लोकसभा चुनावों में अमेठी सीट से चुनाव जीत सके. उन्होंने कहा कि कांग्रेस राहुल गांधी की जीत का श्रेय सपा को देती है. अब वह उसे राज्य में सत्ताविरोधी लहर में वोट काट कर उसे फायदा पहुंचाने का प्रयास कर रही है. यह सपा को समर्थन करने के प्रयास के लिए ऐसा कर रही है.
तबीयत खराब होने की वजह से सोनिया के काशी विश्वनाथ मंदिर जाकर पूजा-अर्चना करने का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया. सोनिया वायरल बुखार से जूझ रही थीं, लेकिन फिर उन्होंने रोड शो करने का फैसला किया, क्योंकि वह आखिरी वक्त में इसे रद्द नहीं करना चाहती थीं. सोनिया के बीमार पड़ने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की. मोदी ने ट्वीट किया, सोनिया जी के वाराणसी दौरे के दौरान उनकी खराब सेहत के बारे में सुना. मैं उनके जल्द स्वस्थ होने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं.