दिल्ली की दिवाली बिन पटाखों वाली, प्रदूषण और कोरोना का हमला..

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दिल्ली में प्रदूषण की बढ़ती समस्या को देखते हुए इस साल पटाखों पर बैन लगाने की घोषणा हुई है। जानकारों के अनुसार दिल्ली मे वायु गुणवत्ता की स्थिति ख़राब है। त्योहार के चलते सार्वजनिक स्थानों विशेषकर भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों जैसे बाजारों और दुकानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ रही है और सुरक्षा मानदंडों का पालन करने में लापरवाही के कारण मामले बढ़ते जा रहे हैं। कोरोना वायरस के केस भी दिल्ली में ऊँचाई छू रहे हैं। वहीं वायु प्रदूषण ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।

आज दिल्ली में प्रदूषण का स्तर ख़तरे की हालत तक बढ़ चुका है। हालत इतनी बुरी है कि दिल्ली-एनसीआर में कई जगहों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स पर PM 2.5 का लेवल 500 के करीब पहुंच चुका है। पूरी दिल्ली धुँध में डूबी नज़र आ रही हैं। दिल्ली में ITO के पास एयर क्वालिटी इंडेक्स 472 पर है जो खतरनाक श्रेणी में आता है। इसके अलावा दिल्ली में बाकी जगहों को देखें तो Central Pollution Control Board (CPCB) के अनुसार, एयर इंडेक्स पर PM 2.5 का स्तर आनंद विहार में 484, मुंडका में 470 और ओखला फेज़ 2 में 468, बवाना में 483, आईजीआई एयरपोर्ट पर 470, सोनिया विहार में 483, वज़ीरपुर में 470 और रोहिणी में 470, आरके पुरम में 467, मुंडका में 477 और पटपड़गंज में 481 है।

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एनसीआर की बात करें तो, गुरुग्राम के सेक्टर 51 में PM 2.5 498 और विकास सदन में 484 पर है. फरीदाबाद के न्यू इंडस्ट्रियल टाउन में 475, सेक्टर 11 में 465, सेक्टर 30 में 424 और सेक्टर 16ए में 485 है. वहीं नोएडा के सेक्टर 1 में 472 और सेक्टर 62 में 480 पर है। जहाँ प्रदूषण ने दिल्ली वासियों की जान को ख़तरे में डाला है वहीं कोरोना वायरस ने भी स्थिति को सुधरने का मौक़ा कम ही दिया है। पिछले कुछ दिनों में एक बार फिर कोरोना के मामले रिकॉर्ड तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली में शुक्रवार को पहली बार कोविड-19 के सात हजार से अधिक मामले दर्ज किए और मामलों की संख्या 4.23 लाख से अधिक पहुंच गई. इस महामारी से 64 और मरीजों की मौत होने से मौतों की संख्या बढ़कर 6,833 हो गई।