- कांग्रेस का चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप, कहा- एसआईआर में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं.
- किच्छा में विधायक तिलक राज बेहड़ से हाथापाई को लेकर भाजपा पर साधा निशाना.
देहरादून। उत्तराखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग और राज्य निर्वाचन तंत्र पर सवाल उठाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि यदि प्रदेश में किसी भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाया गया तो कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में पार्टी चुनाव आयोग के अधिकारियों का लोकतांत्रिक तरीके से घेराव, प्रदर्शन और अन्य आंदोलनात्मक कदम उठाएगी। धस्माना ने बुधवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान यह बात कही। उन्होंने उत्तराखंड में SIR की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस की ओर से पहले भी शिकायतें किए जाने का दावा किया।
चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
धस्माना ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर प्रकाशित एक खोजी रिपोर्ट का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग की मौजूदा कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष लंबे समय से सवाल उठाता रहा है और हालिया रिपोर्टों ने कांग्रेस की आशंकाओं को और मजबूत किया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर केंद्र सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वायत्तता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
धस्माना ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का दावा करते हुए कहा कि वहां कथित तौर पर बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए और बाद में कई नाम वापस जोड़े गए। हालांकि, ऐसे दावों को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया और संबंधित आधिकारिक आंकड़ों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
उत्तराखंड में SIR पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
धस्माना ने दावा किया कि उत्तराखंड कांग्रेस ने कई मौकों पर SIR में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं को लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीआरसी पुरुषोत्तम को प्रमाणों के साथ शिकायतें दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के परंपरागत समर्थक माने जाने वाले मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है।
धस्माना ने चेतावनी दी कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया गया तो कांग्रेस संबंधित अधिकारियों के खिलाफ लोकतांत्रिक और कानूनी स्तर पर आवाज उठाएगी। उत्तराखंड में SIR की प्रक्रिया के तहत दावे और आपत्तियों के निस्तारण की समयसीमा बढ़ाई जा चुकी है और अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर को प्रकाशित की जानी है।
‘चुनाव आयोग को पंगु बना दिया’
धस्माना ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में चुनाव आयोग की संस्थागत स्वतंत्रता प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सबसे महत्वपूर्ण है। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से SIR को मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध करने की निर्धारित प्रक्रिया बताया गया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि SIR से संबंधित नोटिस मिलना अपने आप में मतदाता का नाम काटे जाने का अर्थ नहीं है।
किच्छा में बेहड़ से हाथापाई पर भी कांग्रेस हमलावर
धस्माना ने किच्छा नगर पालिका चुनाव के दौरान कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ के साथ हुई हाथापाई की घटना को लेकर भी भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोगों ने पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के नेतृत्व में बेहड़ के साथ अभद्रता और मारपीट की। मंगलवार को किच्छा में स्ट्रांग रूम के बाहर विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के समर्थकों के बीच विवाद और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी थी। इसी दौरान बेहड़ को थप्पड़ मारे जाने का आरोप सामने आया। घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
‘उत्तराखंड को जंगलराज की ओर ले जाने की कोशिश’
धस्माना ने आरोप लगाया कि किच्छा की घटना उत्तराखंड की राजनीतिक संस्कृति के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी संभावित हार की आशंका से बौखलाकर इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा दे रही है। धस्माना ने किच्छा की घटना को उत्तराखंड को कथित तौर पर “बिहार और यूपी की तर्ज पर जंगलराज” की ओर ले जाने का प्रयास बताया।कांग्रेस नेताओं की ओर से घटना को लेकर पहले ही विरोध-प्रदर्शन किए गए हैं और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई है।
कांग्रेस ने कार्रवाई की मांग की
धस्माना ने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में कांग्रेस अपने स्तर पर निगरानी जारी रखेगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे SIR के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूचियों की जांच करें और किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाए जाने की स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को शिकायत दें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मामलों में पीछे नहीं हटेगी।














