बढ़ती मंहगाई के बीच भारत सरकार का एक और बड़ा फैसला, खाने के तेल के दाम भी…

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मौजूदा समय में जहां देखों वहां सिर्फ महंगाई ही नजर आ रही है। रोजाना इस्तेमाल में आने वाली लगभग हर चीज के दाम आसमान छू रहे हैं। जिससे जनता की जेब पर काफी असर पड़ रहा है। बता दें कि पेट्रोल, डीजल, कुकिंग गैस से लेकर खाने पीने के समान के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। पीछे कुछ दिनों से अब भारत सरकार ने इस पर एक्शन लेना शुरू कर दिया है। पहले तो सरकार की ओर से पेट्रोल-डीजल और एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में गिरावट की जानकारी दी गई और अब एक और बड़ी खबर सामने आ रही है।

बता दें कि अब पेट्रोल-डीजल और कुकिंग गैस के बाद सरकार ने खाने-पीने के तेल की कीमतों को नियंत्रित का फैसला किया है। सरकार के फैसले के अनुसार सालाना 20-20 लाख टन कच्चे सोयाबीन और सूरजमुखी तेल के आयात पर सीमा शुल्क और कृषि अवसंरचना उपकर को हटाने की घोषणा की गई है। इससे तेल की कीमतों में गिरावट देखी जा सकती है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड की ओर से इसको लेकर एक ट्वीट भी किया गया है।

ट्वीट में जानकारी दी गई है कि “केंद्र सरकार ने 20-20 लाख टन कच्चे सोयाबीन और सूरजमुखी तेल के आयात पर सीमा शुल्क और कृषि अवसंरचना उपकर को मार्च, 2024 तक हटाने की घोषणा की है। यह निर्णय उपभोक्ताओं को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करेगा।” सरकार के इस फैसले के बाद सोयाबीन तेल के दाम तीन रुपये प्रति लीटर तक की गिरावट आने की संभावना है। इस बढ़ती मंहगाई के बीच सरकार के इस फैसला को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।