खाँ’सी बु’खार की अचूक दवा है ये ख़ूबसूरत फूलों का पेड़…गोरेपन के लिए

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फूलों की ख़ूशबू तो सभी का मन मोहती है लेकिन कई फूलों में औषधीय गुण भी होते हैं। इन फूलों की न सिर्फ़ ख़ूशबू मन मोहती है बल्कि सेहतकारी गुण इस ख़ूशबू को और भी बढ़ा देते हैं। आज जिस फूल के पेड़ के औषधीय गुण हम बताने जा रहे हैं वो फूल है हरसिंगार का फूल। नारंगी डंडी वाले सफ़ेद हरसिंगार के फूलों को जो भी देख ले उसका मन मोह लेते हैं ये फूल और उस पर इनकी भीनी-भीनी ख़ूशबू तो जी को चुरा लेती है। इन्हें पारिजात भी कहा जाता है।

आज हम इन फूलों के पेड़ में छुपे अन्य सेहत से जुड़े गुणों के बारे में बताने वाले हैं। अगर आपके जोड़ों में दर्द रहता है तो आप हरसिंगार की 6-7 पत्तियों का पेस्ट बनकर उसे पानी में मिलाकर तब तक उबालें जब तक पानी आधा न रह जाए। इस पानी को ठंडा करके प्रतिदिन ख़ाली पेट सेवन करने से जोड़ों का दर्द ही नहीं। बल्कि इससे जुड़ी अन्य समस्याओं से भी आराम मिलता है। अगर मांसपेशयों में खिंचाव हो तो हरसिंगार की पत्तियों का रस, अदरक के रस के साथ समान मात्रा में मिलाकर लेने से लाभ होता है।

खाँसी और बुखार में हरसिंगार बहुत लाभकारी है। खाँसी और बुखार में हरसिंगार की पत्तियों को पानी में उबालकर पीना लाभदायक होता है। इसे सामान्य चाय की तरह उबालकर भी पी सकते हैं। ये चाय आम बुखार से लेकर डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया तक के बुखार को जड़ से समाप्त कर सकती है।

अगर त्वचा को चमकदार बनाना हो तो हरसिंगार की पत्तियों को पीसकर इसका पेस्ट लगाने से सारी त्वचा से जुड़ी परेशानियाँ दूर होती हैं। यही नहीं हरसिंगार के फूलों जैसी ताज़गी के लिए इसके फूलों का लेप चेहरे पर लगाना चाहिए। चेहरा बिलकुल हरसिंगार के फूलों की तरह उजला और चमकदार हो जाएगा।