अपराधियों के बरी होने पर पुलिस अधिकारी ने लौटाया वीरता मेडल, कहा ‘सम्मान के लायक नहीं हूं..’

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शुक्रवार को मणिपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) थौनाओजम बृंदा ने ड्रग्स मामले में अदालत के फैसले का सम्मान करते हुए अपना मुख्यमंत्री वीरता मेडल वापस करने का फैसला लिया है। बता दें कि ये मेडल उन्हें एक ड्रग्स मामले में मिला था। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के पूर्व एडीसी चेयरमैन और 6 अन्य लोगों के खिलाफ भारी मात्र में ड्रग्स बरामद होने का आरोप लगाया था। जिसके बाद राज्य सरकार की लड़ाई में अहम योगदान देने के लिए देशभक्त दिवस के अवसर पर उन्होंने 13 अगस्त 2018 को मुख्यमंत्री पुलिस पदक से नवाजा गया था।

अदालत ने ड्रग्स मामले में जांच को “असंतोषजनक” मानते हुए सभी आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया है। जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) थौनाओजम बृंदा (thounaojam brinda) ने राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह (cm N biren singh) को चिट्ठी लिखी और अपना वीरता पुरस्कार वापस करने की बात कही। उन्होंने अपने इस पत्र में अदालत के आदेश को वजह बताया। बता दें कि पुलिस अधिकारी ने राज्य सरकार के लिए पूरे सम्मान के साथ और एनडीपीएस अदालत के फैसले का पालन करते हुए मेडल वापस लौटाने की पेशकश की है।

मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में उन्होंने लिखा कि “मुझे नैतिक रूप से यह महसूस हुआ है कि मैंने देश की आपराधिक न्याय प्रणाली के इच्छानुसार अपनी ड्यूटी नहीं निभाई है। इसलिए, मैं खुद को इस सम्मान के लायक नहीं समझती हूं और राज्य के गृह विभाग को मेडल लौटा रही हूं ताकि किसी अधिक योग्य और वफादार पुलिस अधिकारी को यह मेडल दिया जा सके।”