नई दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर नीट पेपर लीक के विरोध और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहा ‘चलो संसद’ आंदोलन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। जंतर-मंतर पर सुबह से ही प्रदर्शनकारी जुटने लगे और दोपहर तक यहां 15 से 20 हजार लोगों की भीड़ पहुंचने का अनुमान लगाया गया। सोमवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने संसद की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा और बैरिकेडिंग बढ़ा दी है।
मंगलवार को जंतर-मंतर पर फिर से मंच लगाया गया और प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठे रहे। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की कि आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा और संसद मार्च आगे भी जारी रहेगा।
सोमवार को हुई थी झड़प और पथराव
सोमवार को जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच कई स्थानों पर झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया। फिरोज शाह रोड, जनपथ और संसद मार्ग पर पथराव तथा वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं।
पुलिस के अनुसार, हिंसा में 118 पुलिसकर्मी और 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। घायलों को राम मनोहर लोहिया अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और सफदरजंग अस्पताल सहित विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।













