देहरादून। रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ तहसील क्षेत्र निवासी 54 वर्षीय व्यक्ति से साइबर ठगों ने कथित तौर पर कौन बनेगा करोड़पति (KBC) के नाम पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी कर ली। फेसबुक पर चल रहे ‘KBC चेहरा पहचानो गेम’ में 8.5 लाख रुपये जीतने और चार पहिया वाहन इनाम में मिलने का झांसा देकर ठगों ने पीड़ित से मार्च से सितंबर 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई। मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़ित ने 14 जनवरी 2026 को फेसबुक पर ‘KBC चेहरा पहचानो’ नाम से चल रहे एक गेम में हिस्सा लिया था। इसके बाद उन्हें मैसेज के माध्यम से 8.5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि जीतने की जानकारी दी गई। कुछ समय बाद नितिन नाम के व्यक्ति ने व्हाट्सऐप के जरिए उनसे संपर्क किया और इनाम की रकम दिलाने की प्रक्रिया के बारे में बताया।
टैक्स और शुल्क के नाम पर शुरू हुई रकम वसूलने की प्रक्रिया
शिकायत के मुताबिक, ठगों ने शुरुआत में टैक्स के नाम पर पीड़ित से 1,550 रुपये जमा कराए। इसके बाद अलग-अलग व्हाट्सऐप नंबरों से उनसे संपर्क किया गया और इनाम की रकम जारी कराने के नाम पर टैक्स, प्रोसेसिंग फीस समेत विभिन्न शुल्क बताए गए। पीड़ित का आरोप है कि हर बार नई रकम की मांग की जाती रही और वह इन मांगों के अनुसार भुगतान करता रहा। ठगों ने कथित तौर पर विश्वास हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री, एक बड़े उद्योगपति और अभिनेता की तस्वीरों के साथ RBI के फर्जी दस्तावेज भी भेजे। इसके अलावा पीड़ित को बताया गया कि 8.5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि के साथ उसने एक चार पहिया वाहन भी जीता है।
मार्च से सितंबर तक अलग-अलग खातों में भेजी रकम
शिकायत के अनुसार, इनाम और कार हासिल करने के लालच में पीड़ित ने मार्च से सितंबर 2026 के बीच कई बार रकम ट्रांसफर की। इसके लिए बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), चमोली जिला सहकारी बैंक और उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के खातों का इस्तेमाल किया गया। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि ठगों की लगातार मांग पूरी करने के लिए उसने परिचितों से उधार लेकर भी रकम जुटाई। इस तरह अलग-अलग लेनदेन के जरिए करीब 1.50 करोड़ रुपये आरोपियों तक पहुंचने का आरोप है।
न इनाम मिला, न कार, बढ़ती गई रकम की मांग
पीड़ित के मुताबिक, लगातार रकम जमा करने के बावजूद न तो उसे 8.5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली और न ही बताई गई कार मिली। इसके बजाय आरोपियों की ओर से और रकम जमा करने की मांग की जाने लगी। इसके बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उसने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज कराई।
मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच में जुटी पुलिस
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के मुताबिक, पीड़ित की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 और 66D तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, व्हाट्सऐप अकाउंट, बैंक खातों और रकम के लेनदेन की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान और ठगी की रकम के प्रवाह का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। अजय सिंह, एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मोबाइल नंबरों, व्हाट्सऐप अकाउंट, बैंक खातों तथा ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है।















