देहरादून : राज्य में इंटरनेट कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए बुधवार को सचिवालय में राज्य ब्रॉडबैंड समिति की 9वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने की। इस दौरान दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में नेटवर्क से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में सड़क संपर्क उपलब्ध नहीं है, वहां 4जी उपकरण पहुंचाने के बजाय फाइबर केबल बिछाने और वाई-फाई के माध्यम से शीघ्र कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए। साथ ही, अन्य वैकल्पिक तकनीकों के उपयोग पर भी विचार करने को कहा गया।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि भारतनेट योजना के तहत सभी पंचायत भवनों को जल्द से जल्द इंटरनेट सुविधा से जोड़ा जाए। जहां पंचायत भवन निर्माणाधीन हैं, वहां अस्थायी रूप से नजदीकी सरकारी भवनों—जैसे प्राथमिक विद्यालय या आंगनवाड़ी केंद्र—में कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने राज्य के आरओडब्ल्यू (Right of Way) पोर्टल का संचालन आईटीडीए द्वारा किए जाने तथा पेयजल, बिजली, गैस और संचार विभागों को अपने सिस्टम इस पोर्टल से शीघ्र जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी सैचुरेशन की प्रगति रिपोर्ट हर महीने सचिव सूचना प्रौद्योगिकी को अनिवार्य रूप से भेजी जाए।
स्ट्रीट फर्नीचर मैपिंग कार्य में तेजी लाने, जनपद स्तरीय समितियों की नियमित बैठक सुनिश्चित करने और पंचायत भवनों के निर्माण व मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए।
इसके अलावा, मुख्य सचिव ने टेलीकॉम कंपनियों को प्रदेशभर में कॉल ड्रॉप की समस्या से निपटने के लिए ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर सुधार करने को कहा। उन्होंने यात्रा सीजन को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर स्थायी टावर स्थापित होने तक अस्थायी मोबाइल टावर लगाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सचिव नितेश कुमार झा, सी. रविशंकर, केंद्रीय दूरसंचार विभाग के अधिकारी, बीएसएनएल सहित निजी मोबाइल नेटवर्क कंपनियों और टावर्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।















