बड़ी खबर : गृह मंत्रालय ने जारी की भारत की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति ‘प्रहार’, जानें इसमें क्या है खास

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नई दिल्ली: गृह मंत्रालय (MHA) ने सोमवार को भारत की पहली व्यापक राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति और रणनीति जारी की, जिसका नाम ‘प्रहार’ (PRAHAAR) रखा गया है। यह नीति दस्तावेज़ (8-9 पेज) MHA की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। ‘प्रहार’ का अर्थ ‘हमला’ या ‘प्रहार’ है और यह आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को औपचारिक रूप देता है। नीति का उद्देश्य आतंकवाद के सभी रूपों को रोकना, आतंकियों, उनके फाइनेंसरों और समर्थकों को फंड, हथियार और सुरक्षित ठिकानों से वंचित करना है।

यह नीति भारत को दशकों से प्रभावित करने वाले सीमा पार राज्य-प्रायोजित आतंकवाद पर खास फोकस करती है। दस्तावेज़ में कहा गया है कि जिहादी आतंकी संगठन और उनके फ्रंटल (मुखौटा) संगठन भारत में हमलों की साजिश रचने, समन्वय करने, सुविधा प्रदान करने और उन्हें अंजाम देने में लगे हुए हैं। वैश्विक आतंकी समूह जैसे अल-कायदा और ISIS स्लीपर सेल्स के जरिए देश में हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। विदेशी धरती से काम करने वाले हिंसक चरमपंथी आतंकवाद को बढ़ावा देने की साजिशें रच रहे हैं।

उभरते खतरे: ड्रोन, साइबर, CBRNED और क्रिप्टो नीति में नए खतरे पर गंभीर चिंता जताई गई है। पंजाब और जम्मू-कश्मीर में हैंडलर ड्रोन जैसी नई तकनीक का इस्तेमाल कर आतंकी गतिविधियां आसान बना रहे हैं। आतंकी समूह संगठित आपराधिक नेटवर्क का इस्तेमाल लॉजिस्टिक्स, भर्ती और हमलों के लिए कर रहे हैं। सोशल मीडिया, इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स, एन्क्रिप्शन, डार्क वेब और क्रिप्टो वॉलेट जैसे टूल्स से प्रोपेगैंडा, फंडिंग और निर्देशन गुमनाम तरीके से हो रहा है।

CBRNED (केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल, न्यूक्लियर, एक्सप्लोसिव, डिजिटल) सामग्री तक पहुंच और इस्तेमाल की कोशिशों को रोकना बड़ी चुनौती है। क्रिमिनल हैकर्स और राष्ट्र-राज्य साइबर अटैक्स से भारत को निशाना बना रहे हैं। ड्रोन और रोबोटिक्स का खतरनाक इस्तेमाल भी चिंता का विषय है।

नीति के सात स्तंभ (PRAHAAR acronym) 

  • P — Prevention of terror attacks to protect Indian citizens and interests (आतंकी हमलों की रोकथाम)
  • R — Responses, which are swift and proportionate to the threat posed (तेज और संतुलित प्रतिक्रिया)
  • A — Aggregating internal capacities for achieving synergy in a whole-of-government approach (सरकारी एजेंसियों में समन्वय और क्षमता वृद्धि)
  • H — Human rights and Rule of Law based processes for mitigation of threats (मानवाधिकार और कानून के दायरे में कार्रवाई)
  • A — Attenuating the conditions enabling terrorism, including radicalisation (रेडिकलाइजेशन और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली स्थितियों को कम करना)
  • A — Aligning and shaping the international efforts to counter terrorism (अंतरराष्ट्रीय सहयोग)
  • R — Recovery and resilience through a whole-of-society approach (पुनर्बहाली और समाज की मजबूती)

प्रतिरोध और प्रतिक्रिया तंत्र

  • इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC) और जॉइंट टास्क फोर्स ऑन इंटेलिजेंस (JTFI) रियल-टाइम इनपुट शेयरिंग का नोडल प्लेटफॉर्म बने रहेंगे।
  • स्थानीय पुलिस पहले रिस्पॉन्स देगी, जिसे स्पेशल स्टेट/CT फोर्स और NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) सपोर्ट करेगी। NSG नोडल नेशनल CT फोर्स है।
  • जल, जमीन और हवा तीनों मोर्चों पर खतरे का सामना; क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर (पावर, रेलवे, एविएशन, पोर्ट्स, डिफेंस, स्पेस, एटॉमिक एनर्जी) की सुरक्षा मजबूत।
  • गैर-कानूनी हथियार सिंडिकेट और आतंकी नेटवर्क के खिलाफ राज्यों में संयुक्त कार्रवाई। आतंकी फंडिंग को कानूनी ढांचे से बाधित करने पर जोर।

रेडिकलाइजेशन और युवाओं की भर्ती पर फोकस आतंकी समूह भारतीय युवाओं को भर्ती करने की कोशिश कर रहे हैं। पहचान होने पर ग्रेडेड पुलिस कार्रवाई की जाती है। समुदाय, धार्मिक नेता, उदारवादी प्रचारक और NGOs जागरूकता फैला रहे हैं। युवाओं को रचनात्मक तरीके से शामिल किया जा रहा है। जेलों में कट्टरपंथ रोकने के लिए स्टाफ को अलर्ट किया जाता है।

यह नीति आतंकवाद को किसी धर्म, जाति, राष्ट्रीयता या सभ्यता से नहीं जोड़ती। भारत अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है और वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ व्यापक फ्रेमवर्क की मांग करता रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘प्रहार’ रिएक्टिव से प्रोएक्टिव, इंटेलिजेंस-लेड अप्रोच की ओर बड़ा कदम है, जो उभरते डिजिटल और हाइब्रिड खतरों से निपटने में मदद करेगा।

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