देहरादून। उत्तराखंड की युवा लेग स्पिनर प्रेमा रावत को आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। उन्हें चोटिल स्टार ऑलराउंडर श्रेयंका पाटिल के स्थान पर टीम में मौका मिला है। श्रेयंका नीदरलैंड्स के खिलाफ मुकाबले के दौरान दाहिने टखने में चोट लगने के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं।
आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 की इवेंट टेक्निकल कमेटी ने श्रेयंका के स्थान पर प्रेमा रावत को भारतीय टीम में शामिल करने की मंजूरी दे दी है। प्रेमा पहले से ही इंडिया-ए टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर थीं और अब वह विश्व कप के शेष मुकाबलों के लिए भारतीय सीनियर टीम से जुड़ेंगी।
24 वर्षीय प्रेमा रावत ने अभी तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण नहीं किया है, लेकिन घरेलू क्रिकेट और महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) में अपने प्रदर्शन से उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है। वह डब्ल्यूपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम का हिस्सा रही हैं।

हाल ही में महिला एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट में इंडिया-ए की ओर से खेलते हुए प्रेमा ने शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया था। उन्होंने आठ विकेट लेकर टीम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन का ही परिणाम है कि अब उन्हें महिला टी20 विश्व कप जैसे बड़े मंच पर भारतीय टीम का हिस्सा बनने का अवसर मिला है।
प्रेमा के चयन से उत्तराखंड में खेल प्रेमियों और क्रिकेट प्रशंसकों में उत्साह का माहौल है। राज्य की इस प्रतिभावान खिलाड़ी से विश्व कप में भारतीय टीम को मजबूत करने की उम्मीदें जताई जा रही हैं। उत्तराखंड के दुर्गम पर्वतीय जिले बागेश्वर से आने वाली युवा क्रिकेटर प्रेमा रावत ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाली प्रेमा ने सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बावजूद लगातार शानदार प्रदर्शन कर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।
घरेलू क्रिकेट, महिला प्रीमियर लीग और इंडिया-ए टीम के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर प्रेमा ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम में अपनी जगह बनाई है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल बागेश्वर बल्कि पूरे उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है। प्रेमा की सफलता पहाड़ की युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि कठिन परिस्थितियों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का उनका सफर युवा खिलाड़ियों को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगा।















