उत्तराखंड: UKSSSC पेपर लीक मामला, मास्टर ने खोले मास्टरमाइंड के राज, ऐसे होता था पूरा खेल

0
80

देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्त चयन सेवा आयोग पेपर लीक मामले का खुलासा होने के बाद से अब तक मामले में 17 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। 18वीं गिरफ्तार आज संभव है। हालांकि, जिस जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत को मास्टरमाइंड माना जा रहा है। उसे एसटीएफ पहले ही पकड़ी चुकी है। लेकिन, अब तक आधिकारिक गिरफ्तारी नहीं दिखाई गई है।

पेपर लीक मामले में हाकम सिंह को ही मुख्य आरोपी माना जा रहा है। उसका नाम आयोग की दो परीक्षाओं में पहले ही सामने आ चुका है। मुकदमा भी जर्द किया गया था। लेकिन, उस मुकदमें से बाद में उसका नाम हटा दिया गया था। यह भी जांच का विषय है। उसके सारे राज उसके लिए काम करने वाला व्यायम शिक्षक था, जो नैटवाड़ी इंटर कॉलेज में कार्यरत था, ने खोल दिए हैं।

एसटीएफ ने शनिवार को मोरी में तैनात व्यायाम शिक्षक और जिला पंचायत सदस्य को पकड़ा है। हालांकि गिरफ्तारी सिर्फ शिक्षक की दिखाई है। उस पर अभ्यर्थियों को हल किया हुआ पेपर मुहैया कराने का आरोप है। वहीं जिला पंचायत सदस्य को पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। इस मामले में अब तक 17 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। देहरादून के रायपुर क्षेत्र में रहने वाला तनुज शर्मा वर्तमान में उत्तरकाशी के मोरी स्थित राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज नेटवाड़ में व्यायाम शिक्षक है। उससे पूछताछ के बाद एसटीएफ ने एक ही क्षेत्र के कई अभ्यर्थियों को चिह्नित किया है जिन्होंने लीक हुए पेपर का फायदा उठाया।

आरोपी शिक्षक को पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड का मुख्य सहयोगी बताया जा रहा है। उसकी नियुक्ति भी वर्ष 2019 में आयोग के माध्यम से हुई थी। उसने वर्ष 2017 में आयोजित सहायक अध्यापक की परीक्षा में उत्तीर्ण की थी। शिक्षक के पूछताछ के बाद एसटीएफ ने हिमाचल जा रहे उत्तरकाशी के जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह को आराकोट बैरियर पर हिरासत में ले लिया।

वह बीते 15 दिन से एसटीएफ के रडार पर था। भनक लगते ही वह बैंकाक चला गया था। । वहां से लौटते ही एसटीएफ ने उस पर शिकंजा कसा। बीते दिन ही वह मोरी के कोटगांव सांकरी में अपने रिजॉर्ट में देखा गया था। शनिवार देर शाम वह पंजाब नंबर की एक कार से हिमाचल प्रदेश की ओर जा रहा था। इसी दौरान एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने आराकोट बैरियर पर उसे हिरासत में ले लिया।

पेपर लीक मामले में उत्तरकाशी के दो जनप्रतिनिधियों पर शक था। इसमें से एक महिला जनप्रतिनिधि बताई जा रही है। दोनों जनप्रतिनिधि एसटीएफ के रडार पर चल रहे थे। एसटीएफ गिरफ्तारी से पहले संबंधित जनप्रतिनिधियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाने में लगी है।

एसटीएफ का कहना है कि हाकम सिंह पेपर लीक मामले का संदिग्ध है। शिक्षक की गिरफ्तार के बाद उसका नाम मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर सामने आया है। हाकम सिंह को पूछताछ के लिए पकड़ा गया है। देहरादून से एसटीएफ की टीम पूछताछ के लिए रवाना कर दी गई है। पूछताछ और पुख्ता सबूतों के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसटीएफ

संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा में सर्वाधिक सफल अभ्यर्थियों की संख्या मोरी से है। यहां से करीब 80 से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में सफल हुए हैं। बताया जा रहा है कि एसटीएफ ने पेपर खरीद कर सफल होने वाले अभ्यर्थियों को चिह्नित कर लिया है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी हो सकती है।