उत्तराखंड : जिसको मंत्री और गनर ने पीटा, उसी पर दर्ज कर दिया मुकदमा

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ऋ़षिकेश: कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल और उनके गनर का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद मंत्री की खूब आलोचना हो रही है। सीएम धामी ने भी अग्रवाल को आज तलब किया है। लेकिन, इस बीच पुलिस ने उस सुरेंद्र सिंह नेगी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, जिसको मंत्री और मंत्री के गनर के साथ ही कुछ और लोगों ने बुरी तरह पीट दिया था।

पुलिस ने जो मुकदमा दर्ज किया है। उसके विभिन्न धाराएं लगाई गई है। मंत्री फ्टील को रोककर सरकारी काम में बाधा, खिड़की पर हाथ मारकर तोड़ने का प्रयास, गालीगलौच करना, मंत्री की तरफ अपना हाथ बढ़ाना, मंत्री की जेब में रखे भगवान के अंगवस्त, पेन और 1150 रुपये छीनने और मारपीट का प्रयास करने की बात कही गई है। साथ ही रिपोर्ट दर्ज कराने वाली मंत्री के गनर गौरव राणा और उनकी वर्दी फाड़ने का भी आरोप लगाया गया है।

अब इसी फर्द में लिखी गई बातों की समीक्षा की जाए तो कहीं पर भी यह नहीं है कि उसने मंत्री के साथ मारपीट की है। कुर्ता फाड़ने की बात भी नहीं कही गई है। पुलिसकर्मी की वर्दी भी वीडियो में फाड़ते हुए नजर नहीं आ रहा है। जिस तरह से सुरेंद्र सिंह नेगी को पीटा जा रहा है। उससे साफ है कि उसे तो मौका ही नहीं दिया। पहले मंत्री ने थप्पड़ जड़ा और फिर गनर ने मारपीट शुरू कर दी। इस बीच एक और व्यक्ति भी आया और मारना शुरू कर दिया।

सवाल यह है कि पुलिस आखिर क्या साबित करना चाहती है। जिस पुलिसकर्मी पर मारपीट का मुदमा दर्ज किया जाना चाहिए था। उसके झूठे आरोपों पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया। मंत्री के खिलाफ भी मुदमा दर्ज होना चाहिए। कांग्रेस लगातार यह मांग कर रही है। कई जगहों पर आज प्रेमचंद अग्रवाल का पुतला भी फूंका गया।

प्रेमचंद अग्रवाल की गुंडई का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार विवाद खड़ा कर चुके हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान सीआरपीएफ जवान को गाली देने का वीडियो भी सामने आया था। विधानसभा अध्यक्ष रहते पार्टी के ही राज्य मंत्री के साथ गालीगलौच का मामला चर्चाओं में रह चुका है। विधानसभा बैकडोरी भर्ती घोटाले मामले में भी विवादों में रहे हैं। बावजूद, प्रेमचंद अग्रवाल पार्टी का चहेते बने हुए हैं। इस पर सवाल भी उठे चुके हैं।