उत्तराखंड को लगा भ्रष्टाचार का दीमक, पढ़ें चौंकाने वाली रिपोर्ट

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देहरादून: उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए लोगों ने क्या-क्या कुर्बानियां नहीं दी। राज्य इसलिए मांगा था कि उनके काम आसानी से हो सकें। उनको सभी सुविधाएं मिलें, लेकिन जो परिणाम सामने हैं, वो राज्य निर्माण की उस अवधारणा को गलत साबित करने के लिए काफी हैं, जिसका सपना राज्य आंदोलनकारियों ने देखे और संजोए थे। उत्तराखंड को युवा अवस्था में ही भ्रष्टाचार को दीमक लग गया है, जो राज्य के संसाधनों को धीरे-धीरे लूट कर बर्बाद करने पर तुला है।

सरकार चाहे किसी की रही हो। सभी ने भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड के दावे किए। लेकिन, हकीकत यह है कि बड़े घाटोले तो दूर कोई भी सरकार घूसखोरी तक रोकने में सफल नहीं हो सकती। अब भी देवभूमि को भ्रष्टाचार मुक्त करने के केवल दावे किए जा रहे हैं। ठीक वैसे ही दावे जैसे पहले किए जाते रहे हैं। किसी के पास कोई ठोस प्लान नहीं है।

विजिलेंस को मिली 235 शिकायतों पर कार्रवाई कर 248 अधिकारी-कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हैरानी की बात यह है कि इनमें केवल छोटे कर्मचारी ही नहीं। बल्कि, 61 अधिकारी ऐसे भी हैं, जो क्लास वन अफसर हैं।

इनमें सरकारी दफ्तरों के छोटे से बड़े अधिकारी शामिल रहे हैं। विजिलेंस की ओर से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए लोगों को जागरूक किया जाता रहा है। यहां तक विभागों में रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों की गोपनीय जानकारी हेल्पलाइन नंबर 1064 पर देने की अपील की जाती रही है।

लगातार बढ़ रहे मामले रू प्रदेश के सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के मामलों के बढ़ने के साथ विजिलेंस की कार्रवाई भी साल दर साल बढ़ी है। राज्य गठन के शुरुआती पांच साल में विजिलेंस ने 16 मामलों में दबिश दी। जिसमें से चार राजपत्रित अधिकारियों सहित कुल 16 सरकारी कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़े गए। इसके बाद साल दर साल विजिलेंस की कार्रवाई और नतीजों में इजाफा होता रहा है।

2009 और 10 में 59 अधिकारी-कर्मचारी विजिलेंस की गिरफ्त में आए। 2009 में कुल 29 मामलों में सात राजपत्रित अधिकारियों के साथ कुल 33 सरकारी कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़े गए। जबकि 2010 में 25 मामलों में हुई कार्रवाई में आठ ए ग्रेड अधिकारियों के साथ कुल 26 कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़े गए।

किसी भी विभाग में रिश्वत या अधिकारी कर्मचारियों के टालमटोल की शिकायत पर विजिलेंस तत्काल कार्रवाई करती है। शिकायत दर्ज कराने के लिए 1064 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। लोगों को बिना किसी संकोच के आगे आकर शिकायत दर्ज