उत्तराखंड : कांग्रेस में फिर घमासान, इस पूर्व विधायक का इस्तीफा

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देहरादून: कांग्रेस के कप्तान करन माहरा लगातार संगठन को मजबूत करने के दावे कर रही है। भर्तियों में गड़बड़ी के मामले और विधानसभा बैकडोर भर्ती के मसले पर उन्होंने खुलकर अपनी बातें सामने रखी। उन्होंने मुखर होकर लगातार भाजपा पर हमले किए। लेकिन, असल मायने में कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को सड़क पर उतरकर जो करना चाहिए था। वैसा कुछ खास नजर नहीं आया।

यह भूमिका इसलिए कि जब कांग्रेस फिर से उठने का प्रयास कर रही है, तो फिर उसके नेता क्यों साथ छोड़ रहे हैं। हालांकि, इसका भारत जोड़ा से कोई नाता नहीं है। लेकिन, जिस तरह से लगातार इस यात्रा के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस से लोग टूट रहे हैं। कहीं उत्तराखंड में भी तो ऐसा ही नहीं होने वाला है। हालांकि, इसके पीछे कुछ निजी कारण भी हो सकते हैं। महत्वाकांक्षा के आड़े जाने की बातें भी सोशल मीडिया में हो रही हैं।

प्रीतम सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। हालांकि, इस बार उनकी व्यक्गित बात नहीं, बल्कि पारिवारिक बात है। उनके बेटे ने कांग्रेस की कमेटी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। प्रीतम सिंह के बेटे के इस्तीफे को लेकर अटकलें भी लगाई जा रही हैं।

इससे पहले की कांग्रेस इस इस्तीफे के बारे में कुछ चर्चा करती। एक और झटका पिथौरागढ़ जिले में पूर्व विधायक मयूख महर ने दे दिया। उन्होंने यह कहते हुए PCC से इस्तीफा दे दिया कि एक व्यक्ति एक पद पर पार्टी जोर देती रही है। लेकिन, विधायकों को यह पद देकर अन्य कार्यकर्ताओं का हक मारा जा रहा है।

इससे पहले प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनिर्वाचित सदस्य पद से इस्‍तीफा दे दिया था। इस्‍तीफे में उन्होंने कहा कि पार्टी में बड़े व जनाधार वाले नेताओं की उपेक्षा हो रही है। उनके स्थान पर किसी बड़े नेता को सम्मिलित किया जाए।

कांग्रेस के सामने संकट खड़ा हो गया है। कांग्रेस बदलाव करना चाहती है, लेकिन इस बीच अपने ही विरोध में उठ खड़े होते हैं। कांग्रेस में यह समस्या हमेशा से रही है। इससे भाजपा को भी कांग्रेस पर हमला करने का मौका मिल जाता है। सवाल यह है कि आखिर कांग्रेस में क्या चल रहा है? क्या कुछ बड़ा भूचाल आने वाला है? हालांकि, इन बातों का जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है।