नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में स्थायी कर्मचारियों की संख्या को लेकर राज्यसभा में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। केंद्र सरकार ने सदन में जानकारी दी कि NEET-UG, JEE और UGC-NET जैसी देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करने वाली एजेंसी में वर्तमान में केवल 24 स्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं।
शिक्षा मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, NTA ने वर्ष 2018 से अब तक लगभग 6.6 करोड़ अभ्यर्थियों के पंजीकरण स्वीकार किए हैं और इस दौरान 270 से अधिक परीक्षाओं का आयोजन किया है। इसके बावजूद एजेंसी में स्टाफ की भारी कमी बनी हुई है।
सरकार ने बताया कि NTA में कुल 39 स्थायी पद स्वीकृत हैं, जिनमें से केवल 24 पदों पर स्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं। शेष कार्य एजेंसी में नियुक्त 197 संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।
मंत्रालय के अनुसार, NTA में डायरेक्टर जनरल, संयुक्त सचिव के दो पद, निदेशक के आठ पद, संयुक्त निदेशक एवं रिसर्च साइंटिस्ट के छह पद, डिप्टी डायरेक्टर के तीन पद, असिस्टेंट डायरेक्टर के दो पद तथा सीनियर सुपरिनटेंडेंट के दो पद शामिल हैं।
राज्यसभा में सामने आए इन आंकड़ों के बाद इतनी बड़ी परीक्षा एजेंसी में सीमित स्थायी स्टाफ को लेकर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि NTA हर वर्ष लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण परीक्षाओं का संचालन करती है।














