दमिश्क : सीरिया की एक अदालत ने मंगलवार को देश के अपदस्थ राष्ट्रपति बशर अल-असद और उनके भाई माहेर अल-असद को युद्ध अपराधों और गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के मामले में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। दोनों के खिलाफ मुकदमा उनकी गैरमौजूदगी में चला। दिसंबर 2024 में सत्ता से बेदखल होने के बाद दोनों रूस चले गए थे।
अदालत का यह फैसला सीरिया में करीब 13-14 साल चले गृहयुद्ध के दौरान तत्कालीन असद सरकार पर लगे गंभीर आरोपों के मामलों में कार्रवाई की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मामले में हत्या, यातना और लोगों को अवैध रूप से हिरासत में रखने समेत कई गंभीर अपराध शामिल हैं।
असद के करीबी रिश्तेदार आतिफ नजीब को भी फांसी
इसी मामले में बशर अल-असद के चचेरे भाई और पूर्व वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी आतिफ नजीब को भी मौत की सजा सुनाई गई है। नजीब पर 2011 में दक्षिणी सीरिया के दारा प्रांत में सरकार की कार्रवाई का नेतृत्व करने का आरोप था। इसी क्षेत्र में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन बाद में पूरे देश में फैल गया और सीरियाई गृहयुद्ध की शुरुआत हुई।
नजीब को गिरफ्तार किए जाने के बाद वह अदालत के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश हुआ। अप्रैल 2026 में दमिश्क की चौथी आपराधिक अदालत में उसके खिलाफ सुनवाई शुरू हुई थी। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, वह 2011 में दारा में राजनीतिक सुरक्षा शाखा का प्रमुख था और नागरिक प्रदर्शनों के दमन में उसकी भूमिका की जांच की जा रही थी।
रूस में हैं बशर और माहेर
बशर अल-असद और उनके भाई माहेर दिसंबर 2024 में विद्रोही बलों के दमिश्क में प्रवेश के बाद सीरिया छोड़कर रूस चले गए थे। इसके बाद असद परिवार के दशकों पुराने शासन का अंत हो गया। चूंकि दोनों सीरिया में मौजूद नहीं हैं, इसलिए अदालत ने उनके खिलाफ अनुपस्थिति में (in absentia) फैसला सुनाया है।
सीरिया में असद परिवार का शासन करीब पांच दशक तक रहा। पहले हाफेज अल-असद और बाद में उनके बेटे बशर अल-असद ने देश पर शासन किया। 2011 में अरब स्प्रिंग के दौर में बशर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, जिन्हें सरकारी कार्रवाई और हिंसक दमन का सामना करना पड़ा। धीरे-धीरे यह संघर्ष पूर्ण गृहयुद्ध में बदल गया।
लाखों लोगों की जान गई
सीरियाई संघर्ष दुनिया के सबसे भीषण मानवीय संकटों में शामिल रहा है। विभिन्न आकलनों के अनुसार युद्ध में लाखों लोग मारे गए, जबकि बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए और देश के शहरों तथा बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। असद सरकार पर नागरिकों के खिलाफ व्यापक हिंसा, हिरासत और यातना जैसे गंभीर आरोप लंबे समय से लगते रहे हैं।
अप्रैल 2026 में शुरू हुई न्यायिक प्रक्रिया में बशर अल-असद और माहेर अल-असद के अलावा असद शासन के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया था। सीरियन नेटवर्क फॉर ह्यूमन राइट्स की कानूनी समीक्षा के मुताबिक, मामले में पूर्व शासन के कई शीर्ष अधिकारियों के नाम शामिल थे।
दिसंबर 2024 में खत्म हुआ असद शासन
दिसंबर 2024 में विद्रोही बलों ने दमिश्क पर कब्जा कर लिया और बशर अल-असद को सत्ता छोड़कर रूस जाना पड़ा। इसके साथ ही 2000 से राष्ट्रपति रहे बशर अल-असद का शासन समाप्त हो गया। उनके पिता हाफेज अल-असद 1971 से 2000 तक सीरिया के राष्ट्रपति रहे थे।
असद के सत्ता से हटने के बाद सीरिया में नई राजनीतिक व्यवस्था स्थापित हुई और अहमद अल-शरा के नेतृत्व में नई सरकार सत्ता में आई। असद शासन के दौरान किए गए कथित अपराधों की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नई सरकार के सामने प्रमुख मुद्दों में रही है।
फैसले से बढ़ी जवाबदेही की उम्मीद
बशर अल-असद के खिलाफ सीरियाई अदालत का यह फैसला देश में लंबे समय से लंबित जवाबदेही और युद्ध अपराधों के मामलों को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, असद और माहेर के रूस में होने के कारण फैसले को लागू करना व्यावहारिक रूप से एक बड़ी चुनौती होगा। रूस द्वारा दोनों को सौंपे जाने या उनकी गिरफ्तारी के संबंध में तत्काल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।















