CM अरविंद केजरीवाल को रिकवरी नोटिस पर बिफरे सिसोदिया, लगाये ये आरोप

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नई दिल्ली : राजनीतिक विज्ञापनों की आड़ में दिल्ली सरकार के खाते से 163 करोड़ रुपये के व्यय पर मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को सरकारी नोटिस भेजे जाने पर उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया  ने आपत्ति जताई है। उन्होंने आज गुरुवार को प्रेस वार्ता कर एलजी पर शक्तियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।

सिसोदिया ने कहा कि अधिकारियों का उपयोग जनता के काम कराने में किया जाना चाहिए, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को नोटिस देने में नहीं। भाजपा की सरकारें भी यही कर रही हैं। लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सिसोदिया ने कहा, “दिल्ली में अफसरों पर असंवैधानिक नियंत्रण का नाजायज इस्तेमाल देखिए – बीजेपी ने दिल्ली सरकार की सूचना विभाग सचिव ऐलिस वाज (IAS) से नोटिस दिलवाया है कि वर्ष 2017 से दिल्ली से बाहर राज्यों में दिये गए विज्ञापनों का खर्चा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से वसूला जाएगा। उन्होंने यह बातें एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही हैं।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “दिल्ली के अखबारों में बीजेपी के तमाम राज्यों के मुख्यमंत्रियों के विज्ञापन छपते हैं, पूरी दिल्ली में इनके सीएम के फोटो वाले सरकारी होर्डिंग लगे हैं। क्या इनका खर्चा बीजेपी मुख्यमंत्रियों से वसूला जाएगा? क्या बीजेपी इसीलिए दिल्ली के अफसरों पर असंवैधानिक कब्जा करके रखना चाहती है? दिल्ली प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष मनोज तिवारी ने मनीष सिसोदिया के आरोपों का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि एक समय नादिरशाह ने दिल्ली को लूटा था। अब सत्ता में बैठकर आम आदमी पार्टी लूट रही है।

AAP से राजनीतिक विज्ञापन के पैसे वसूली के नोटिस पर मनीष सिसोदिया गलत बयानबाजी कर रहे हैं। कह रहे हैं अधिकारी पर दबाव डाल कर पत्र लिखवाया गया। यह बात बोलकर वह संवैधानिक पद का अपमान कर रहे हैं। नोटिस से आप मे बौखलाहट है। जनता को सुविधाएं देने की जगह 163 करोड़ रुपये आप का चेहरा चमकाने पर खर्च किया। यह खजाने की लूट है। इस मामले में आप हाई कोर्ट भी गई थी। स्टे नहीं मिलने पर दिल्ली सरकार द्वारा वसूली का नोटिस भेजा गया।