- दो दिवसीय सत्र की अवधि पर बसपा विधायक ने उठाए सवाल.
- 27 अक्टूबर को पेश होगा अंतरिम बजट.
देहरादून। गैरसैंण के भराड़ीसैंण में 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले उत्तराखंड विधानसभा सत्र से पहले प्रदेश की सियासत गरमा गई है। शनिवार को विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी की अध्यक्षता में यमुना कॉलोनी स्थित उनके सरकारी आवास पर कार्यमंत्रणा समिति और सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। दोनों बैठकों में कांग्रेस का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ। वहीं, बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद ने दो दिवसीय सत्र की अवधि पर सवाल उठाते हुए सरकार पर जनहित के मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया।
बैठक के बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने कहा कि सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक और कार्यमंत्रणा समिति की बैठक आयोजित करना संसदीय परंपरा का हिस्सा है। विधानसभा सचिवालय की ओर से सभी संबंधित सदस्यों को लिखित पत्र भेजने के साथ फोन पर भी सूचना दी जाती है। इसके बावजूद कोई सदस्य बैठक में शामिल नहीं होता है, तो यह उसका व्यक्तिगत निर्णय है। उन्होंने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि को बैठक में आने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
विधानसभा अध्यक्ष ने सभी दलों से संसदीय परंपराओं और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि विधानसभा जनता की समस्याओं को उठाने और सरकार से जवाब मांगने का महत्वपूर्ण मंच है। सभी विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को सदन में प्रमुखता से उठाना चाहिए। उन्होंने सत्र को शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण ढंग से संचालित करने में सभी सदस्यों से सहयोग मांगा।
पहले दिन श्रद्धांजलि, अंतरिम बजट होगा पेश
संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सत्र के दौरान होने वाले कामकाज पर चर्चा की गई। 27 अक्टूबर को सत्र के पहले दिन दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री सदन में अंतरिम बजट पेश करेंगे। साथ ही सरकार की ओर से आवश्यक विधायी कार्य भी किए जाएंगे। सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल, बजट पारित कराने और अन्य विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने की योजना है।
कांग्रेस की अनुपस्थिति पर संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह से फोन पर बातचीत की थी। प्रीतम सिंह ने पहले से निर्धारित राजनीतिक कार्यक्रमों के कारण त्यूणी क्षेत्र में व्यस्त होने की जानकारी दी। वहीं, कांग्रेस नेता यशपाल आर्य से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। मंत्री ने कहा कि सरकार विपक्ष की भागीदारी के साथ सदन चलाना चाहती है और सभी दलों को इसमें सहयोग करना चाहिए।
दो दिन में कैसे उठेंगे जनता के मुद्दे : शहजाद
बैठक में शामिल बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद ने सत्र की अवधि पर सवाल उठाते हुए कहा कि दो दिन में जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा करना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि पहले दिन का अधिकांश समय दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने में व्यतीत होने की संभावना है। ऐसे में विधायकों के पास अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाने और सरकार से सवाल पूछने के लिए मुख्य रूप से दूसरे दिन का ही समय बचेगा।
शहजाद ने कहा कि विधानसभा में कुल 70 विधायक हैं। यदि बड़ी संख्या में विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाना चाहें, तो एक दिन में सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करना संभव नहीं होगा। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, पलायन, आपदा और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने के लिए पर्याप्त समय दिए जाने की जरूरत बताई।
बसपा विधायक ने आरोप लगाया कि कम अवधि का सत्र बुलाकर सरकार केवल औपचारिकता पूरी करना चाहती है। उनके मुताबिक, इतने कम समय में जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा नहीं हो पाएगी और जनता की समस्याओं को सदन में प्रभावी ढंग से उठाने का अवसर सीमित रह जाएगा।















