फेरीवाला बनकर पहुंची पुलिस, 23 साल बाद हत्याकांड का आरोपित गिरफ्तार

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गाजीपुर : UP में गाजीपुर के सुहवल, दिलदारनगर, रेवतीपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर व 25 हजार रुपये का इनामी रेवतीपुर के त्रिलोकपुर निवासी रामदुलार राजभर को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। 23 वर्षों पूर्व दो हत्या करने के बाद वह फरार हो गया था। आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे जेल भेज दिया गया।

इसका राजफाश शनिवार को SP ओमवीर सिंह ने पत्रकार वार्ता में किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2000 में भड़की जातीय हिंसा में रामदुलार राजभर ने रेवतीपुर के त्रिलोकपुर निवासी शिवपूजन सिंह व सुहवल के अकवल निवासी तहसीलदार सिंह की हत्या कर दी थी। इसके बाद फरार हो गया। तभी से वह बिहार में छीपकर गांजे का अवैध कारोबार करता था।

उस समय रेवतीपुर थाना नहीं था। इसका कुछ हिस्सा दिलदारनगर और कुछ सुहवल में आता था। एसपी ने बताया कि बिहार के कैमूर जनपद में रामदुलार रहता था और यहीं से गांजा का अवैध कारोबार करता था। गांजा की सप्लाई करने के लिए ही यह जनपद में आया था, जिसे रेवतीपुर और नगसर थाने के बार्डर से रेवतीपुर एसओ प्रशांत चौधरी ने गिरफ्तार कर लिया। इसके पास से 780 ग्राम गांजा भी बरामद हुआ।

अपराधिकारियों के धड़-पकड़ अभियान में रेवतीपुर पुलिस लगी हुई थी। एसओ प्रशांत चौधरी को जानकारी मिली कि रामदुलार बिहार के कैमूर जनपद के चैनपुर थाना के भगंदा टोला भागलपुर में रहता था। रामदुलार को आशंका ना हो इसके लिए वह फेरी वाला बनकर भगंदा टोला पहुंचे।

यहां कुछ दिनों बिताने पर मालूम हुआ कि यह बड़े पैमाने पर नारकोटिक्स का अवैध कारोबार करता है। जिले में इसकी सप्लाई वह स्वयं करता था। सही लोकेशन मिलते ही शनिवार को रेवतीपुर-नगसर बार्डर से दबोच लिया। रेवतीपुर एसओ के इस कार्य की एसपी ओमवीर सिंह ने काफी प्रशंसा की है।