उत्तर कोरिया ने जापान के जलक्षेत्र में बैलेस्टिक मिसाइल दागी

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सोल। उत्तर कोरिया ने बुधवार को पहली बार सीधे जापान के नियंत्रण वाले जलक्षेत्र में एक बैलेस्टिक मिसाइल दागी जिस पर टोक्यो ने कड़ी प्रतिक्रिया दी तथा अमेरिका तथा दक्षिण कोरिया के साथ उसका तनाव और बढ़ गया।
अमेरिकी सेना ने कहा कि उत्तर कोरिया ने असल में एक साथ मध्यम दूरी की दो रोडांग मिसाइलें दागीं लेकिन ऐसा लगता है कि एक मिसाइल में उड़ान के समय विस्फोट हो गया।
मिसाइल प्रक्षेपण ऐसे समय हुआ है जब उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया में एक अत्याधुनिक अमेरिकी मिसाइलरोधी प्रणाली की प्रस्तावित तैनाती पर भौतिक कार्रवाई की धमकी दी थी। इसके अलावा कुछ हफ्तों में दक्षिण कोरिया और अमेरिका का संयुक्त सैन्य युद्धाभ्‍यास शुरू होना है।
जापान ने कहा कि एक मिसाइल जापान के उत्तरी तट से करीब 250 किलोमीटर दूर जापान सागर में देश के विशेष आर्थिक क्षेत्र के भीतर जाकर गिरी।
जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबे ने कहा, यह हमारे देश की सुरक्षा के खिलाफ एक गंभीर खतरा है। यह उकसाने वाली हरकत है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अमेरिका ने इसकी निंदा करते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उन प्रस्तावों का साफ उल्लंघन बताया जिनमें उत्तर कोरिया पर बैलेस्टिक मिसाइल तकनीक के उपयोग पर पाबंदी लगाई गई है।
पेंटागन प्रवक्ता गैरी रोज ने कहा, इस उकसावे से केवल (उत्तर कोरिया की) प्रतिबंधित क्रियाकलापों के जवाब में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिबद्धता में बढ़ोतरी होगी।
अमेरिकी रणनीतिक कमान ने कहा कि उत्तर कोरिया के पश्चिमी क्षेत्र के एक स्थल से दो मिसाइलें सोल के समयानुसार सुबह करीब सात बजकर 50 मिनट पर छोड़ी गईं। यह पहली बार है जब उत्तर कोरिया की मिसाइल सीधे जापानी जलक्षेत्र में दागी गई है। इससे पहले 1998 में दूसरे चरण की मध्यम दूरी की मिसाइल जापान के ऊपर से दागी गई जो जापान के प्रशांत महासागर के तट पर विशेष आर्थिक क्षेत्र के अंदर आगर गिरी थी।
जापान सरकार के शीर्ष प्रवक्ता योशिहिदे सुगा ने इस परीक्षण की कड़े शब्दों में आलोचना की। उन्होंने बताया, इसके बारे में कोई पूर्व चेतावनी नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा, विमान एवं पोतों की सुरक्षा के लिहाज से यह भारी समस्या पैदा करने वाला खतरनाक कृत्य है।
उत्तर कोरिया द्वारा जनवरी में किए गए चौथे परमाणु परीक्षण के बाद संयुक्त राष्ट्र ने उस पर कई प्रतिबंध लगाए थे लेकिन उनका उल्लंघन कर वह इस साल कई परमाणु परीक्षण कर चुका है। इससे पहले 19 जुलाई को उसने तीन बैलेस्टिक मिसाइल छोड़ी थी, जिसमें एक रोडोंग भी थी।