मुख़्तार अंसारी को 10 साल की सज़ा, 5 लाख का जुर्माना

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UP : उत्तरप्रदेश की बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी को एमपी/एमएलए कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट में 10 साल की सज़ा सुनाई है. साथ ही 5 लाख का जुर्माना भी लगाया है. वहीं बीएसपी सांसद अफजाल अंसारी पर 2 बजे फैसला आएगा. मुख्‍तार अंसारी बांदा जेल से ही वीडियो कॉन्‍फ्रेसिंग के जरिए सुनवाई में शामिल हुआ था.

3 सितंबर 2022 को सांसद अफजाल अंसारी एवं मुख्तार अंसारी के विरुद्ध न्यायालय में प्रथम दृष्टया आरोप तय हो चुका था. अभियोजन की तरफ से गवाही पूरी होने के बाद बहस पूरी हो गई थी. फैसले के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. फैसले के लिए कोर्ट ने 15 अप्रैल की तारीख दी थी, लेकिन पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण फैसला नहीं आ सका.

29 अप्रैल, शनिवार यानी आज फैसला सुनाने की तिथि निर्धारित की गई है. गैंगस्टर मामले में दो साल से लेकर 10 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है.अगर अफजाल अंसारी को गैंगस्टर मामले में सजा होती है तो उनकी सांसदी चली जाएगी. किसी भी मामले में दो साल से अधिक की सजा मिलने पर विधायक या सांसद की सदस्यता समाप्त हो जाती है. राहुल गांधी इस मामले में हाल के सबसे बड़े उदाहरण हैं.

ये था पूरा मामला 
22 नवंबर 2005 को मुहम्मदाबाद पुलिस ने भांवरकोल में कृष्णा नंद राय हत्या कांड और वाराणसी में नंद किशोर रूंगटा के मामले को गैंग चार्ट में शामिल करते हुए सांसद अफजाल अंसारी और मुख्तार अंसारी के खिलाफ गिरोह बंद अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराया था. इसके बाद से गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी जमानत पर हैं.

गाजीपुर में 2005 में तत्कालीन बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय सहित कुल 7 लोगों को गोलियों से छलनी कर दिया गया था. चुनावी रंजिश के कारण इस हत्या को अंजाम दिया गया था. इस हत्याकांड में मुख्तार अंसारी और अफजाल को आरोपी बनाया गया था. अंसारी ब्रदर्स के प्रभाव वाली मोहम्मदाबाद विधानसभा सीट पर 2002 में अफजाल अंसारी को हराकर कृष्णानंद राय ने जीत हासिल की थी. इसके चलते उनकी हत्या हुई थी.