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आईआईटी रुड़की ने विकसित की हरित रसायन की नई तकनीक, नवीकरणीय अल्कोहलों से तैयार होंगे उच्च-मूल्य रसायन

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रुड़की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के वैज्ञानिकों ने हरित रसायन (ग्रीन केमिस्ट्री) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। संस्थान के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी नई उत्प्रेरक (कैटेलिटिक) तकनीक विकसित की है, जिसके माध्यम से नवीकरणीय अल्कोहलों को औषधि निर्माण और उन्नत कार्बनिक सामग्रियों में उपयोग होने वाले उच्च-मूल्य रसायनों में बदला जा सकता है।

आईआईटी रुड़की के रसायन विज्ञान विभाग के प्रो. देबाशीष बनर्जी के नेतृत्व में किए गए इस शोध में पृथ्वी पर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध निकेल (Nickel) उत्प्रेरक का उपयोग किया गया है। यह तकनीक पारंपरिक बहु-चरणीय और महंगी रासायनिक प्रक्रियाओं की तुलना में अधिक किफायती, ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण के अनुकूल मानी जा रही है।

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शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने 27 ट्राइसब्स्टीट्यूटेड ओलेफिन्स और 23 उच्च-चयनात्मक 1,3-डाइन्स का सफल संश्लेषण किया। इन रासायनिक यौगिकों का उपयोग दवाओं, विटामिन-ई, टैमोक्सीफेन एनालॉग और उन्नत कार्बनिक सामग्रियों के निर्माण में किया जा सकता है। अध्ययन में यह भी स्पष्ट किया गया कि यह उत्प्रेरक प्रक्रिया आणविक स्तर पर किस प्रकार कार्य करती है, जिससे भविष्य में और अधिक प्रभावी एवं सतत रासायनिक तकनीकों के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत ने कहा कि यह उपलब्धि स्वच्छ और टिकाऊ रासायनिक प्रौद्योगिकियों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, प्रो. देबाशीष बनर्जी ने बताया कि इस शोध का उद्देश्य नवीकरणीय कच्चे पदार्थों का उपयोग करते हुए कम लागत में उच्च-चयनात्मक रासायनिक संश्लेषण की नई तकनीक विकसित करना था, जो भविष्य में हरित रसायन और सतत विनिर्माण को नई दिशा देगा।

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इस शोध में आईआईटी रुड़की के शोधार्थी आद्रिजा घोष और पुरुषोत्तम के साथ कनाडा के मैकगिल विश्वविद्यालय के प्रो. चाओ-जुन ली ने भी सहयोग किया। परियोजना को शिक्षा मंत्रालय के STARS कार्यक्रम, अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) तथा प्रधानमंत्री अनुसंधान फेलोशिप (PMRF) का वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह शोध नवीकरणीय संसाधनों के उपयोग, रासायनिक अपशिष्ट में कमी और पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक विनिर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धि साबित हो सकता है।

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