हनी ट्रैप रैकेट के खुलते ही सामने आयी ऐसी जानकारी, जाँचकर्ता रह गए हैरान

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प्रतीकात्मक तस्वीर

जबसे देश में चल रहे  हनी ट्रैप मामले की जानकारी हुई है, तबसे रोज़ इस मामले से जुड़ी नई-नई बातें सामने आ रही हैं। सूत्रों की मानें तो इस रैकेट के मास्टरमाइंड की नज़रें छत्तीसगढ़ के एक बहुत बड़े प्रोजेक्ट पर थीं और वह मास्टरमाइंड छत्तीसगढ़ में नेताओं और नौकरशाहों से अपने संबंधों का फ़ायदा उठाकर अपने किसी बड़े ग्राहक को वह प्रोजेक्ट दिलाना चाहता था। सूत्रों से मिली ख़बर के अनुसार, “विशेष रुप से छत्तीसगढ़ में उनका कोई आधार नहीं था। राज्य के दो से तीन पूर्व मंत्रियों और IFS और IAS अधिकारियों के साथ ज़रुर उनके निकट संबंध थे।”

इस हनी ट्रैप रैकेट के मास्टरमाइंड ने पहले प्रभावशाली नेताओं, नौकरशाहों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सेक्स रैकेट का शिकार बनाया। उसके बाद उनसे एनजीओ के लिए कौशल विकास, प्रशिक्षण और प्रचार से संबंधित कामों के ऑर्डर हासिल किए। साथ ही अपने कई कॉर्पोरेट ग्राहकों को सरकारी कॉन्ट्रैक्ट भी दिलवाए। जिसकी वजह से मुनाफ़े के रूप में उन्हें बहुत बड़ा कमीशन मिला।

इस चर्चित और सनसनीख़ेज़ मामले की ख़बर सभी को लगी, जब पुलिस की गिरफ़्त में आयीं 5 महिलाओं और उनके ड्राइवर ने यह कहकर सनसनी फैला दी, कि इस रैकेट के मास्टरमाइंड की नज़रें दिल्ली पर थीं। जहां से वह भारत के और भारत के बाहर के अपने ग्राहकों के लिए कुछ बड़े कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने की फ़िराक़ में थे।

कहा जा रहा है कि इस हनीट्रैप में बीजेपी, कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के साथ-साथ कई बड़े-बड़े अफसरों की गर्दनें भी फंसी हैं साथ ही महाराष्ट्र के एक बड़े नेता भी इस हनी ट्रैप के शिकंजे में फ़ंसे हैं। शायद यही वजह है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ को उनके शीर्ष अधिकारियों ने एटीएस को इस मामले की जांच से दूर रखने की सलाह दी है। और एसआईटी के 2 बड़े अफ़सरों को मामले की जांच से हटाने के बाद तीसरे अफ़सर राजेंद्र कुमार को मामले की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।