देहरादून: हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने मुख्यमंत्री आवास घेराव का शक्ति प्रदर्शन किया। भारी बारिश के बावजूद प्रदेशभर से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने परेड ग्राउंड से सीएम आवास की ओर कूच किया। पुलिस ने हाथीबड़कला पर बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक लिया। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई और कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह परेड ग्राउंड में जुटे। यहां प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने जनसभा को संबोधित किया। नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि खड़गे की रैली स्थल का शुद्धिकरण दलित समुदाय का अपमान है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की भी मांग की गई।

जनसभा के बाद गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सीएम आवास की ओर मार्च निकाला। तेज बारिश भी उनके हौसले को नहीं तोड़ सकी। पुलिस ने हाथीबड़कला चौकी के पास मजबूत बैरिकेडिंग लगाई और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। कई कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पर चढ़कर नारेबाजी की। पुलिस और कांग्रेसियों के बीच हल्की झड़प भी हुई। प्रदर्शन के कारण देहरादून की यातायात व्यवस्था प्रभावित रही।
कांग्रेस का कहना है कि यह शक्ति प्रदर्शन सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के लिए था। पार्टी ने शुद्धिकरण में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और दोषियों को सजा दिलाने की मांग दोहराई। पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।
यह विवाद 8 अगस्त को हल्द्वानी में खड़गे की रैली के बाद शुरू हुआ था, जब कुछ संगठनों ने रामलीला मैदान का कथित शुद्धिकरण किया। कांग्रेस इसे छुआछूत की मानसिकता बता रही है, जबकि भाजपा इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाती रही है।













