मुंबई। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने अभिनेता अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के विज्ञापन के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA ने आशंका जताई है कि यह विज्ञापन महाराष्ट्र में प्रतिबंधित विमल पान मसाला का अप्रत्यक्ष या सरोगेट विज्ञापन हो सकता है। नियामक ने मामले में विज्ञापन और उसमें नजर आने वाले तीनों अभिनेताओं की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। FDA ने अपने नोटिस में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 की धारा 24 और 53 का हवाला दिया है। तीनों अभिनेताओं से विज्ञापन में उनकी भूमिका और ब्रांड के साथ उनके जुड़ाव को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
पान मसाला के अप्रत्यक्ष प्रचार का आरोप
FDA के अनुसार, विज्ञापन की पहली नजर में जांच करने पर यह विमल ब्रांड को बढ़ावा देता दिखाई देता है। नियामक का तर्क है कि विमल ब्रांड मुख्य रूप से पान मसाला उत्पाद से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इलायची जैसे दूसरे उत्पाद के विज्ञापन के माध्यम से प्रतिबंधित पान मसाला ब्रांड की पहचान को बढ़ावा दिए जाने की आशंका है। नोटिस में कहा गया है कि महाराष्ट्र में पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध लागू है। राज्य के फूड सेफ्टी कमिश्नर ने 13 जुलाई 2026 को FSS Act की धारा 30(2)(a) के तहत प्रतिबंध आदेश जारी किया था।
सरोगेट विज्ञापन की पहली बार जांच
महाराष्ट्र FDA का कहना है कि राज्य में पहली बार किसी सरोगेट विज्ञापन की इस तरह जांच की जा रही है। जांच में विज्ञापन की प्रस्तुति, संवाद, उत्पाद का नाम और बाजार में ब्रांड की पहचान जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है। FDA यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि विज्ञापन वास्तव में केवल इलायची उत्पाद का प्रचार करता है या इसके जरिए प्रतिबंधित पान मसाला उत्पाद के ब्रांड को अप्रत्यक्ष रूप से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है। विज्ञापन में अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ ब्रांड एंडोर्सर के रूप में दिखाई देते हैं। इसी कारण नियामक ने तीनों की भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा है।
महाराष्ट्र में गुटखा-पान मसाला पर सख्ती
महाराष्ट्र में तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा तथा पान मसाला के खिलाफ लंबे समय से कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2012 से राज्य में ऐसे उत्पादों पर प्रतिबंध लागू है। अब FDA ने प्रतिबंधित तंबाकू और पान मसाला उत्पादों की बिक्री, भंडारण और प्रचार के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में विभाग की ओर से प्रतिबंधित उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जहां प्रतिबंधित उत्पादों के संगठित नेटवर्क सामने आ रहे हैं, वहां पुलिस के साथ समन्वय कर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
भ्रामक विज्ञापन पर जुर्माने का प्रावधान
FDA ने मामले में FSS Act की धारा 24 का उल्लेख किया है। यह धारा खाद्य उत्पादों से संबंधित भ्रामक और धोखाधड़ी वाले विज्ञापनों पर रोक लगाती है। इसके अलावा धारा 53 के तहत भ्रामक विज्ञापन के लिए जिम्मेदार व्यक्ति पर जुर्माने का प्रावधान है, जो 10 लाख रुपये तक हो सकता है।
अब तीनों अभिनेताओं और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद यह स्पष्ट होगा कि FDA आगे क्या कार्रवाई करता है। फिलहाल जांच का मुख्य बिंदु यही है कि विमल इलायची का विज्ञापन स्वतंत्र उत्पाद का प्रचार है या प्रतिबंधित पान मसाला ब्रांड के लिए सरोगेट प्रमोशन का माध्यम। बड़े फिल्मी सितारों के नाम जुड़ने के कारण FDA की यह कार्रवाई विज्ञापन जगत में भी चर्चा का विषय बन गई है।















