बिना लक्षण वाले म’रीजों के लिए CM योगी का फैसला, शुल्क के साथ होंगे…

0
1830

कोरो’ना संक्रम’ण के मामले देश मे तेज़ी से बढ़ते जा रहे हैं। उत्तरप्रदेश की बात की जाए तो कोरो’ना संक्र’मित म’रीज़ों की संख्या में यूपी में भी रोज़ इज़ाफ़ा हो रहा है। पिछले चौबीस घंटों में उत्तरप्रदेश में 1700 कोरो’ना संक्रमि’त म’रीज़ों की पुष्टि की गई है। अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद द्वारा बताया गया कि, यूपी में पिछले 24 घंटे में कोरो’ना संक्रम’ण के 1,733 नए मामले सामने आए हैं। वर्तमान में 16,445 कोरो’ना संक्रम’ण के मामले एक्टिव हैं, अब तक 27,634 म’रीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं।

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरो’ना के बिना लक्षण वाले (Asymptomatic) संक्र’मित म’रीजों के लिए लखनऊ और गाजियाबाद में होटल और रिसॉर्ट में भी इला’ज की सुविधा देनी शुरू कर दी है। लेकिन इस सुविधा के लिए लोगों को अलग से चार्ज देना होगा, जिसमे रहने और खाने का भी खर्चा शामिल होगा और यहां लोगों को एक दिन का 1500 रुपए रोजाना शुल्क देना होगा। दो बेड वाले रूम के लिए 2000 रुपए रोजना शुल्क लगेगा। सरकार की तरफ से होटल में डॉक्टर नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था रखी गयी है। लखनऊ और गाजियाबाद के बाद ये व्यवस्था अन्य शहरों में भी दी जाएगी। सरकार की इसी नीति के चलते लखनऊ में आनंदी वाटर पार्क, फैजाबाद रोड को कोविड-19 सेंटर बनाया गया है। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि L1 हॉस्पिटल के तौर पर आनंदी वाटर पार्क काम करेगा और यहां पर सिंगल बेड के लिए 1600 रुपए शुल्क और डबल बेड के लिए 2000 रुपए के शुल्क पर उपलब्ध रहेगा।

अमित मोहन प्रसाद द्वारा बताया गया कि, जो लोग चिकित्सा के दौरान चिकित्सीय सुविधाओं के अतिरिक्त अन्य सेवाएं भी पाना चाहते हैं, उनके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लखनऊ एवं गाजियाबाद में एक नई व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था को दूसरे जनपदों में भी लागू किया जाएगा। इसी प्रक्रिया के तहत जिला प्रशासन द्वारा होटल का अधिग्रहण कर असिम्प्टोमैटिक म’रीजों को वहां रखा जाएगा और उन्हें वहीं राजकीय चिकित्सा सुविधा प्राप्त कराई जाएगी। इस व्यवस्था के लिए डबल एक्यूपेंसी पर ₹2,000 प्रतिदिन का चार्ज रखा गया है. . को-मॉर्बिडिटी, ग’र्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को इस व्यवस्था की अनुमति नहीं दी गई है।

उन्होंने बताया कि, निजी अस्पता’लों को भी कोविड हॉस्पि’टल के रूप में काम करने की अनुमति सरकार द्वारा पहले ही दी जा चुकी है। और पहले ही प्राइवेट अस्पता’लों में कोरो’ना के इला’ज के लिए उसकी फीस को तय कर दिया गया है। इस वक़्त बहुत से निजी अस्पता’ल कोविड अस्पता’ल के तौर पर काम कर रहे हैं। प्रदेश में एल-1, एल-2, एल-3 अस्पता’लों में 1.5 लाख बेड उपलब्ध हैं। अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि, “प्रदेश में टेस्टिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रदेश में कल (गुरुवार) एक बेंचमार्क स्थापित करते हुए 24 घंटों में सर्वाधिक 54,207 सैम्पलों की जां’च की गई है। इस प्रकार कोविड-19 की जां’च में 13 लाख का आंकड़ा पार करते हुए प्रदेश में अब तक कुल 13,79,534 सैम्पलों की जां’च की गई है। पूल टेस्ट के अन्तर्गत कुल 3,339 पूल की जां’च की गई, जिसमें 2,907 पूल 5-5 सैम्पल के तथा 432 पूल 10-10 सैम्पल के थे।”

इसी के चलते 1,71,471 सर्विलेंस टीमों के ज़रिए 1,24,35,528 घरों के 3,34,41,383 लोगों का सर्वेक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि, आरोग्य सेतु ऐप से अलर्ट जनरेट होने पर कन्ट्रोल रूम द्वारा अब तक लगभग 2,86,406 लोगों को फोन कर जानकारी प्राप्त की गई है। सीएम हेल्पलाइन से भी मुसलसल कॉल किये जा रहे हैं। अपर मुख्य सचिव द्वारा बताया गया कि, डोर-टू-डोर सर्विलांस के दौरान प्रदेश में लगभग 1.75 लाख लोगों में बु’खार, खां’सी, जुका’म एवं सांस लेने में तकली’फ आदि के लक्षण मिले हैं, इसमें से 40 हजार लोगों के सैम्पल लेकर जां’च की जा रही है। उन्होंने ये बात भी साफ तौर पर बताई कि, प्रदेश में किसी को होम आइ’सोलेशन की अनुमति नहीं दी गई है, क्योंकि लक्षणहीन लोगों के घर में आइसो’लेट होने से घर के अन्य सदस्यों तथा आइसो’लेट व्यक्ति के इधर-उधर आने-जाने से अन्य लोगों में भी संक्र’मण का खत’रा हो सकता है।