नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के बुनियादी ढांचे, विनिर्माण और कृषि क्षेत्र को गति देने के उद्देश्य से 2,19,353 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं और नीतिगत प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से देश की कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों को नई दिशा मिलेगी।
वाराणसी में बनेंगे दो एलिवेटेड कॉरिडोर
कैबिनेट ने एनएच-19 और वाराणसी रिंग रोड के बीच 14,447.64 करोड़ रुपये की लागत से छह लेन के ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी है। इसके अलावा वरुणा नदी के किनारे स्थानीय यातायात को सुगम बनाने के लिए 10,998 करोड़ रुपये की लागत से चार और छह लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर का भी निर्माण किया जाएगा। इन परियोजनाओं से वाराणसी में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होने और आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है।
रेलवे परियोजनाओं को भी हरी झंडी
औद्योगिक और माल ढुलाई नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने ओडिशा में पारादीप-हरिदासपुर रेल लाइन के दोहरीकरण हेतु 2,542 करोड़ रुपये तथा डांगोआपोसी-राजखरसावां रेलखंड पर चौथी लाइन बिछाने के लिए 1,365 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
यूरिया उत्पादन को बढ़ावा
कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार ने राष्ट्रीय निवेश नीति-2026 को मंजूरी दी है। इस नीति का लक्ष्य देश में घरेलू यूरिया उत्पादन बढ़ाना और उर्वरकों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना है।
सेमीकंडक्टर और मोबाइल निर्माण पर बड़ा निवेश
तकनीकी क्षेत्र में भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए ‘सेमीकंडक्टर 2.0’ योजना को 1,27,500 करोड़ रुपये के बजट के साथ मंजूरी दी गई है। वहीं, देश में मोबाइल फोन निर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (एमपीएमएस) के तहत 62,500 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
सरकार का कहना है कि इन सभी फैसलों से देश में बुनियादी ढांचे का विस्तार होगा, औद्योगिक निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बढ़त मिलेगी।















