दादर स्थित अंबेडकर भवन को गिराने के मामले ने पकड़ा तूल

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मुंबई: मुंबई के दादर इलाके में बने अंबेडकर भवन के बड़े हिस्से पर शुक्रवार देर रात हथौड़ा चलाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। डॉ. भीमराव अंबेडकर के पोते प्रकाश और आनंद राज की तहरीर पर भोईवाड़ा पुलिस ने पीपुल्स इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के खिलाफ मामले में शिकायत दर्ज कर ली है।
1930 से दादर में बनी ईंट-पत्थर की इमारत से बाबासाहेब गुलामी के खिलाफ सियासी सफहे भरते थे, इसी इमारत में कभी बाबासाहेब का पुस्तकालय था। यहां रखी प्रिटिंग प्रेस से उनकी कलम छपकर जाति व्यवस्था से लड़ती थी। लेकिन रात के अंधेरे में इसे तोड़ दिया गया। बाबासाहेब के परिजन इस तोड़-फोड़ के लिये पीपुल्स इंप्रूवमेंट ट्रस्ट को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं, उनके खिलाफ थाने में एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है।
भोईवाड़ा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने वाले बाबासाहेब के पोते प्रकाश अंबेडकर ने कहा, ‘ऐतिहासिक प्रिंटिग प्रेस को बर्बाद कर दिया, ये लोग ट्रस्टी नहीं हैं, इनकी ट्रस्टीशिप को चैरिटी कमिश्नर ने मान्यता भी नहीं दी है, ये सिर्फ ज़मीन के कारोबारी इस्तेमाल के लिये ऐसा कर रहे हैं।’ हालांकि ट्रस्ट के लोग सारे आरोपों को खारिज कर रहे हैं। पीपुल्स इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के ट्रस्टी श्रीकांत गवरे ने कहा, ‘मैं 2001 से ट्रस्टी हूं, प्रेस ट्रस्ट का है, सिर्फ प्रेस में रखी मशीनें परिवार की हैं, जमीन पर बाबासाहेब का स्मारक बनेगा जिससे समाज का फायदा हो, हमारे खिलाफ लगाए गए आरोप गलत हैं।’
मुंबई महानगरपालिका ने बिल्डिंग को जर्जर की श्रेणी में रखा था, लेकिन उसने कहा है कि उसके कर्मचारी इसे तोड़ने में शामिल नहीं थे। वहीं ट्रस्ट चाहता है कि पार्किंग और सारी सुविधाओं से युक्त इस जगह पर 17 मंजिला नई इमारत बनाई जाए।