सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मिली महिलाओं को राहत, पुरुषों के साथ साथ अब महिलाएं भी…

0
268

देश में महिलाओं और पुरुषों के बीच काफी भेदभाव किया जाता है। लेकिन संविधान के मुताबिक देश में महिलाओं और पुरूषों को बराबर का हक है। जो काम पुरुष कर सकता है वहीं, काम महिला भी कर सकती है। लेकिन आज कल ऐसा कुछ नहीं हो रहा। महिलाओं के साथ भेदभाव आज भी किया जा रहा है। जिसके खिलाफ कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। बता दें कि राष्‍ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में महिलाओं की भर्ती नहीं होती। सिर्फ इतना ही नहीं उनको परीक्षा में भी बैठने नहीं दिया जाता। जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई और आज इस याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल पुरुषों के साथ साथ महिलाओं को भी परीक्षाओं में बैठने की अनुमति दे दी है। जिसके बाद अब महिलाएं भी राष्‍ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की परीक्षा में बैठ सकती हैं। हालांकि अभी tk महिलाओं की भर्ती को लेकर कोई भी फैसला नहीं सुनाया गया है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को महिलाओं की एक जीत माना जा रहा है। इस फैसले से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है।
images 3 1
खुश कालरा नाम के याचिकाकर्ता ने कहा कि “ये महिलाओं के साथ भेदभाव है। संविधान में पुरुष और महिला को बराबर का हक दिया गया है, इसलिए इन दोनों प्रतिष्ठित संस्थाओं में महिलाओं का भी प्रवेश होना चाहिए।” उनकी इस याचिका के खिलाफ जाते हुए सरकार ने कहा है कि “सेना में भर्ती होने के लिए सिर्फ एनडीए और एनएनइ ही नहीं है। सेना में भर्ती होने के लिए यूपीएससी और नॉन यूपीएससी के जरिए महिलाओं का प्रवेश होता है। एनडीए के कैडेट को प्रमोशन में कोई खास फायदा नहीं दिया जाता है।”