हत्या के मामले में गलत तरह से फंसाए गए छह आरोपियों सुप्रीम कोर्ट ने 16 साल बाद किया बरी

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नई दिल्ली – सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को बड़ा झटका दिया है। हत्या के मामले में गलत तरह से फंसाए गए छह आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है, साथ ही कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह इन सभी को 5-5 लाख रुपए का मुआवजा दे। इन पांच आरोपियों को हत्या का दोषी करार देते हुए उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को पलटते हुए सभी दोषियों को बरी कर दिया। सुप्रीम कोर्ट की बेंच के जस्टिस एके सीकरी ने इस मामले में कई गई जांच पर भी सवाल खड़ा किया है। कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वह इस मामले की जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कराएं और उनके खिलाफ जांच करें।

यह मामला वर्ष 2003 का है, जब अंकुश मारूति शिंदे, राज्यप्पा शिंदे, राजू मासू शिंदे और तीन अन्य पर आरोप था कि उन्होंने एक घर में लूटपाट की और इस दौरान पांच लोगों को मौत के घाट उतार दिया, साथ ही महिला के साथ गैंगरेप किया। छह आरोपियों में से अंकुश, राज्यप्पा और राजू को नासिक की ट्रायल कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में 2007 में बांबे हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा था कि ना सिर्फ तीन बल्कि सभी छह दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। कोर्ट ने इस हत्याकांड को बर्बर करार दिया था।