नवजोत सिंह सिद्धू ने दी इस्तीफे की धमकी

0
175

चंडीगढ़: लोकसभा चुनाव अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। 19 मई को लोकसभा के सातवें और आखिरी चरण के लिए वोटिंग डाले जाएंगे। पंजाब की सभी 13 सीटों पर रविवार को ही मतदान होगा। वोटों की गिनती 23 मई को होगी। लेकिन पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच तकरार रुकने का नाम नहीं ले रही है। सिद्धू ने शुक्रवार को कैप्टन पर हमला बोला हुए इस्तीफा देने की धमकी दी। हांलाकि उन्होंने ये नहीं बताया कि वो पार्टी से इस्तीफा देंगे कि कैबिनेट से।

पंजाब के मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार को कहा कि अगर धार्मिक ग्रंथों को अपवित्र करने में शामिल लोगों को सजा नहीं दी गई तो वह इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने ये हमला कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम लिए बिना बोला। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि सीटें न मिलीं तो इस्तीफा दे देंगे। लेकिन मैं कहता हूं कि अगर बेअदबी करने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। उन्होंने आगे कहा कि मैं बताना चाहता हूं कि जब मैं राज्यसभा सीट पहले ही छोड़ चुका हूं। उन्होंने दावा किया कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें अमृतसर सीट छोड़ने और अन्य संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए कहा था।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को कहा था कि अगर मौजूदा लोकसभा चुनाव में पंजाब में कांग्रेस पार्टी अच्छा प्रदर्शन नहीं करती है तो वो इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा कि हार के लिए पंजाब के सभी मंत्री और विधायक जिम्मेदार होंगे। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने फैसला किया है कि लोकसभा चुनाव में हार या फिर जीत का श्रेय मंत्रियों और विधायकों को जाएगा। वहीं इस्तीफे के बीच उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पंजाब में सभी लोकसभा सीटों पर जीत हासिल करेगी। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में आप को पंजाब में चार सीटें मिली थी। वहीं अकाली दल को 4, बीजेपी को 3 और कांग्रेस को 2 सीट मिली थी। बाद में विनोद खन्ना की मौत के बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस के सुनील जाखड़ ने ये सीट जीत ली थी।

कांग्रेस के बठिंडा से उम्मीदार अमरिंदर सिंह राजा के पक्ष में सिद्धू ने शुक्रवार को रैली की। एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सिद्धू ने बादल परिवार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी ने अपने शासन के दौरान पंजाब को बर्बाद किया। चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सिद्धू ने बठिंडा में कई चुनावी रैलियों को संबोधित किया। बठिंडा को अकाली दल का गढ़ माना जाता है। उन्होंने कहा कि फ्रेंडली मैच खेलने वालों को हराएं। गौरतलब है कि विपक्षी दलों का आरोप हा कि बेअदबी के मामले में कैप्टन बादल परिवार को बचा रहे हैं। वहीं अब आम आदमी पार्टी का आरोप कि दोनों में बठिंडा और पटियाला सीट पर समझौता हो गया है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने 15 मई को फरीदकोट में एक रैली में साल 2015 में गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया था। बठिंडा से केंद्रीय मंत्री और उम्मीदवार हरसिमरत कौर बादल अकाली दल की उम्मीदवार है। आम आदमी पार्टी ने यहां से बलजिंदर कौर को उतारा है जबकि पंजाब एकता पार्टी के प्रमुख सुखपाल सिंह खैरा भी यहां से ताल ठोंक रहे हैं। प्रो। बलजिंदर कौर तलवंडी साबो से मौजूदा विधायक हैं। साल 2014 में हरसिमत कौर बादल इस सीट से 19 हजार वोटों से जीती थीं। 27 साल से कांग्रेस अकाली दल से इस सीट को हासिल नहीं कर पाई है।