गैरसैंण (चमोली): उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र 2026 आज (9 मार्च, सोमवार) ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में शुरू हुआ। सत्र की शुरुआत राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह के अभिभाषण से हुई, जिसमें सरकार ने विकास, रोजगार सृजन, पर्यटन, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा सुधार और 2047 तक विकसित उत्तराखंड बनाने के लक्ष्य को प्रमुखता दी।
राज्यपाल ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को वर्ष 2047 तक एक विकसित राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्यरत है। इसके लिए आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत ढांचे के मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने पहाड़ और मैदान दोनों क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
शिक्षा क्षेत्र में नकल मुक्त परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए राज्यपाल ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए कड़े कानून लागू किए गए हैं। युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार अवसर प्रदान करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता बताते हुए अभिभाषण में ‘लखपति दीदी’ योजना का जिक्र किया गया, जिसके माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। महिलाओं को बैंक ऋण, स्वरोजगार और आय वृद्धि के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। रोजगार सृजन के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस योजना से हजारों युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने में आर्थिक सहायता मिली है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बताते हुए चारधाम यात्रा के साथ शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने की योजनाओं पर प्रकाश डाला गया। विंटर टूरिज्म, धार्मिक, सांस्कृतिक और साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहन देकर साल भर पर्यटन गतिविधियां सुनिश्चित करने और स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान करने का प्रयास जारी है।
ग्रामीण विकास, सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकारी योजनाओं और सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने की दिशा में काम हो रहा है। कृषि, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीक अपनाने और बेहतर विपणन के प्रयास जारी हैं। राज्यपाल ने पारदर्शी, जवाबदेह और जन-भागीदारी वाले प्रशासन की प्रतिबद्धता जताई। विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।
यह बजट सत्र ऐतिहासिक है क्योंकि पहली बार राज्यपाल के अभिभाषण के साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दोपहर में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर रहे हैं, जिसकी अनुमानित राशि लगभग 1.11 लाख करोड़ रुपये है। सत्र 13 मार्च तक चलेगा, जिसमें विकास, रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है।















