उत्तराखंड की बेटी कविता चंद ने रचा इतिहास, अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट विंसन की फतह

0
26

देहरादून: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के धारा नौला की रहने वाली 40 वर्षीय कविता चंद ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मुंबई में निवास करने वाली इस एंड्योरेंस एथलीट ने अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट विंसन (4,892 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर भारत का गौरव बढ़ाया है। कविता ने 12 दिसंबर 2025 को स्थानीय समयानुसार शाम 8:30 बजे शिखर पर पहुंचकर यह उपलब्धि हासिल की।

यह सफलता कविता के महत्वाकांक्षी ‘सेवन समिट्स’ चैलेंज का एक प्रमुख पड़ाव है, जिसमें दुनिया के सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों को फतह करना शामिल है। इससे पहले उन्होंने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस पर भी सफल चढ़ाई की थी।

माउंट विंसन दुनिया की सबसे दुर्गम और चुनौतीपूर्ण चोटियों में शुमार है, जहां अत्यधिक ठंड, पूर्ण एकांत और अप्रत्याशित मौसम जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कविता का अभियान 3 दिसंबर को भारत से रवाना होकर शुरू हुआ। वे 4 दिसंबर को चिली के पुंटा एरेनास पहुंचीं और 7 दिसंबर को यूनियन ग्लेशियर के लिए उड़ान भरी। उसी दिन स्की-सुसज्जित छोटे विमान से करीब 40 मिनट की उड़ान के बाद वे 2,100 मीटर ऊंचाई पर स्थित विंसन बेस कैंप पहुंचीं।

अभियान का नेतृत्व प्रसिद्ध हाई-एल्टीट्यूड गाइड मिंग्मा डेविड शेरपा ने किया, जबकि भारतीय दल को अनुभवी पर्वतारोही भरत थम्मिनेनी और उनकी कंपनी ‘बूट्स एंड क्रैम्पन’ का सहयोग मिला। नौ सदस्यीय भारतीय टीम ने सावधानीपूर्वक योजना, एक्लिमेटाइजेशन और मजबूत समन्वय के बल पर शिखर तक पहुंच बनाई।

Uttarakhand's Kavita Chand scales Antarctica's highest peak ...
अपनी उपलब्धि पर कविता ने कहा, “माउंट विंसन के शिखर पर भारतीय तिरंगा फहराना शब्दों से परे एक सम्मान की भावना है। मैं उम्मीद करती हूं कि यह प्रेरणा पेशेवरों को देगी कि फिटनेस, महत्वाकांक्षा और करियर को एक साथ आगे बढ़ाया जा सकता है। पर्वतारोहण के अलावा कविता एंड्योरेंस रनिंग में भी उत्कृष्ट हैं। वे समर्पित मैराथन धावक हैं और अपनी आयु वर्ग में दिल्ली तथा मुंबई हाइरॉक्स 2025 प्रतियोगिताओं की विजेता रह चुकी हैं। इसके अलावा, उन्होंने एबॉट वर्ल्ड मैराथन मेजर्स सिक्स स्टार चैलेंज की छह में से तीन मैराथन पूरी कर ली हैं।
पूर्व में मीडिया क्षेत्र से जुड़ी कविता ने 2024 में कॉरपोरेट करियर छोड़कर फिटनेस को पूर्ण रूप से समर्पित करने का फैसला लिया, जिसे वे अपने जीवन का टर्निंग पॉइंट मानती हैं। 2017 में दौड़ना शुरू करने और 2024 में पर्वतारोहण अपनाने वाली कविता आज उन महिलाओं और पेशेवरों के लिए प्रेरणास्रोत हैं जो संतुलन और मानसिक दृढ़ता की तलाश में हैं। उनके पति दीपक चंद ठाकुर (एनपीएसटी के सीईओ और सह-संस्थापक) उनके सफर में मजबूत सहारा रहे हैं।

उत्तराखंड की जड़ों से निकलकर विश्व की सबसे ऊंची चोटियों तक पहुंचने वाली कविता चंद की यह यात्रा न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि भारतीय महिलाओं की असीम संभावनाओं का प्रतीक भी है।