देहरादून: सचिवालय में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि इस बार यात्रा को पिछले वर्षों से बेहतर व्यवस्था के साथ आयोजित किया जाएगा। ट्रैफिक प्रबंधन, स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश:
- ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए प्रमुख जगहों पर पर्याप्त होल्डिंग एरिया विकसित करने के निर्देश।
- 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य।
- स्लाइडिंग जोन (भूस्खलन वाले क्षेत्रों) को पहले से चिन्हित कर वहां मशीनरी और जेसीबी तैनात रखने को कहा गया।
- यात्रा मार्गों पर साइन बोर्ड, पब्लिक सुविधाएं और रेस्टिंग पॉइंट्स बढ़ाने के निर्देश।
- हेलीकॉप्टर सेवा और रेस्क्यू सिस्टम को और मजबूत करने पर जोर।
- बिजली, पेयजल और गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के सख्त आदेश।
- यात्रियों को यात्रा संबंधी हर अपडेट SMS और WhatsApp के माध्यम से भेजने की व्यवस्था।
मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।
बैठक में पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, परिवहन, विद्युत, पेयजल सहित सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।















