कोलकाता: पश्चिम बंगाल में वोटरों की न्यायिक प्रक्रिया सोमवार आधी रात के बाद समाप्त हो गई, और भारतीय चुनाव आयोग ने अनुमान लगाया है कि अब तक हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या लगभग 91 लाख हो गई है। हालांकि अंतिम आंकड़े आने के बाद यह संख्या और बढ़ सकती है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, न्यायिक समीक्षा के लिए भेजे गए कुल 60,06,675 मामलों में से 59,84,512 का प्रोसेस पूरा हो चुका है। इनमें से 27,16,393 मतदाताओं को ‘बहिष्कृत करने योग्य’ पाया गया और उनके नाम हटाए गए हैं। इससे पश्चिम बंगाल में हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या 90,83,345 हो गई है। अभी 22,163 मामलों के लिए न्यायिक अधिकारियों के ई-सिग्नेचर की प्रक्रिया पूरी होनी बाकी है, जिसके बाद संख्या में कुछ और नाम जुड़ सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने बताया कि कोर्ट के फैसले के अनुसार हटाए गए मतदाताओं को 19 अपीलेट ट्रिब्यूनल में से किसी एक में माफी के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा। मुर्शिदाबाद जिले से सबसे ज्यादा 4,55,137 नाम हटाए गए, उसके बाद नॉर्थ 24 परगना में 3,25,666 और मालदा में 2,39,375 नाम शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे, पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होगा। नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।















