देहरादून। उत्तराखंड में मौसम का मिजाज अभी भी तल्ख बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना हुआ है, जबकि नदी-नाले भी उफान पर हैं। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के सात जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज नैनीताल, चंपावत, देहरादून, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर के साथ गर्जन और आकाशीय बिजली चमकने की भी संभावना जताई है।
भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा
लगातार बारिश के कारण पर्वतीय जिलों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। कई संपर्क मार्गों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हो रहा है। वहीं, नदी-नालों के जलस्तर में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने से प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि बारिश के दौरान नदी-नालों और गदेरों के आसपास जाने से बचें। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही सफर करें।
देहरादून में भी बारिश के आसार
राजधानी देहरादून में आज आसमान आंशिक रूप से लेकर आमतौर पर बादल छाए रहने की संभावना है। शहर और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने का भी अनुमान है। देहरादून में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है।
जिलाधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश
मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के साथ ही राहत एवं बचाव दलों को भी तैयार रखा गया है। भारी बारिश की आशंका को देखते हुए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी अलर्ट मोड पर हैं। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम खराब होने की स्थिति में सफर टालने की अपील की है।
मानसून में अब तक 55 लोगों की मौत
प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ी घटनाओं में अब तक 55 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, बारिश और आपदा की घटनाओं से प्रदेशभर में करीब 1,330 से अधिक भवनों को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में मौसम विभाग के अलर्ट के बीच प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के साथ लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।















