Home उत्तराखंड हल्द्वानी के शुद्धीकरण विवाद में नया मोड़, राहुल गांधी के खिलाफ कोतवाली...

हल्द्वानी के शुद्धीकरण विवाद में नया मोड़, राहुल गांधी के खिलाफ कोतवाली में FIR, शुद्धीकरण को जातिगत रंग देने का आरोप

0
11

हल्द्वानी। कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली के बाद रामलीला मैदान में किए गए शुद्धीकरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। शुद्धीकरण में शामिल श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा समिति के सदस्य अमित कुमार ने कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि 29 अगस्त को दिल्ली में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने हल्द्वानी में हुए शुद्धीकरण की घटना को जातिगत और छुआछूत के मुद्दे से जोड़कर प्रस्तुत किया। उनका कहना है कि इससे शुद्धीकरण में शामिल लोगों की सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है।

11 अगस्त को हुआ था शुद्धीकरण

अमित कुमार के अनुसार आठ अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली आयोजित हुई थी। उनका आरोप है कि रैली समाप्त होने के बाद मैदान में कूड़ा-कचरा और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली। इसके बाद 11 अगस्त को उन्होंने अनुसूचित जाति समुदाय के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर मैदान की सफाई की और हवन कर शुद्धीकरण किया।

शिकायतकर्ता का कहना है कि पूरी कार्रवाई का उद्देश्य मैदान की सफाई और धार्मिक शुद्धीकरण था। इसका किसी जाति या समुदाय के प्रति भेदभाव से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने कहा कि वह स्वयं अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं।

राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति

अमित कुमार का आरोप है कि राहुल गांधी ने शुद्धीकरण की घटना को छुआछूत से जोड़कर टिप्पणी की। शिकायतकर्ता के अनुसार इस तरह की टिप्पणी से शुद्धीकरण में शामिल लोगों को दलित विरोधी और छुआछूत की मानसिकता वाला बताया गया, जबकि उनके अनुसार वास्तविकता अलग थी। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि राहुल गांधी के खिलाफ मामले की जांच कर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाए और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।

पुलिस ने शुरू की जांच

हल्द्वानी पुलिस के अनुसार मामले में तहरीर प्राप्त हुई है। एसपी सिटी ने बताया कि शिकायत को संज्ञान में लेकर प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच के बाद तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विवाद पर पहले भी आमने-सामने आ चुके हैं कांग्रेस-भाजपा

रामलीला मैदान के शुद्धीकरण का मामला सामने आने के बाद से ही उत्तराखंड में कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज है। कांग्रेस ने इस घटना को सामाजिक भेदभाव और छुआछूत से जोड़ते हुए विरोध जताया है, जबकि भाजपा नेताओं की ओर से आरोपों को खारिज किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत भाजपा नेताओं ने भी मामले को लेकर कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। वहीं कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार कार्रवाई की मांग कर रही है। ऐसे में राहुल गांधी के खिलाफ दी गई तहरीर के बाद यह विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे किस प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जाती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here