विकासनगर। देहरादून जिले के सेलाकुई क्षेत्र से घरेलू हिंसा और उत्पीड़न का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया है। आरोप है कि एक विवाहिता को उसके पति और ससुराल पक्ष ने करीब दस महीने तक घर के एक कमरे और शौचालय में बंद रखकर अमानवीय यातनाएं दीं। महिला के साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि उसके सिर के बाल तक उखाड़ दिए गए। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार उनकी बेटी की शादी राहुल खंडूड़ी नामक युवक से हुई थी। विवाह के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष का व्यवहार बदल गया और महिला को प्रताड़ित किया जाने लगा। आरोप है कि पति, सास और ससुर ने मिलकर उसे घर के एक कमरे और शौचालय तक सीमित कर दिया, जहां वह लगभग दस महीने तक बंधक जैसी स्थिति में रहने को मजबूर रही।
शिकायत में कहा गया है कि इस दौरान महिला के साथ लगातार मारपीट और गाली-गलौज की जाती रही। आरोपियों ने क्रूरता की सारी सीमाएं पार करते हुए उसके सिर के बाल खींच-खींचकर उखाड़ दिए, जिससे उसके सिर का एक हिस्सा लगभग खाली हो गया। पीड़िता को बार-बार जान से मारने की धमकियां भी दी जाती थीं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतने लंबे समय तक मायके पक्ष को इस भयावह स्थिति की जानकारी नहीं मिल सकी। जब किसी तरह घटना की जानकारी परिजनों तक पहुंची, तब उन्होंने तत्काल पुलिस की शरण ली और बेटी को न्याय दिलाने की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सेलाकुई थाना पुलिस ने आरोपी पति, सास और ससुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी लोकपाल परमार के अनुसार मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर घरेलू हिंसा के उन छिपे हुए चेहरों को सामने लाता है, जो घर की चारदीवारी के भीतर वर्षों तक दबे रहते हैं। सवाल यह भी है कि आखिर एक महिला इतनी लंबी अवधि तक कथित रूप से प्रताड़ना सहती रही और इसकी भनक आसपास के लोगों या संबंधित तंत्र को क्यों नहीं लगी। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी, लेकिन शुरुआती आरोपों ने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है।















