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उत्तराखंड : खेल मंत्री ने किया बड़ा दावा, मानसी नेगी ने खोल दी पोल

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देहरादून: खेल मंत्री रेखा आर्य ने सोशल मीडिया में एक दावा किया, जिस पर अब बवाल मचा हुआ है। खुद मानसी नेगी ने ही मंत्री के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खेल मंत्री की पोस्ट पर जब सवाल उठाने के बाद मंत्री का सोशल मीडिया सेल भी सक्रिय हो गया है। मानसी नेगी वॉक रेस में कई मेडल जीत चुकी हैं। उनके नाम नेशनल रिकॉर्ड हैं।

खेल मंत्री ने लिखा कि मानसी नेगी को 2017 में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में सलेक्ट किया गया था। जबकि, यह सेंटर ही 2019 में खुला था। मानसी नेगी सोशल मीडिया में खुल कर कह रही हैं कि वो 2018 में गोपेश्वर से देहरादून आई थी। बड़ा सवाल यह भी है कि जो सेंटर खुला ही नहीं था, उसमें किसी खिलाड़ी का चयन कैसे कर लिया गया। मानसी का कहना है कि उसने 2019 में पुरुषों के लिए शुरू किए गए सेंटर में ज्वाइन किया था।

मानसी नेगी को लेकर खेल मंत्री ने यह भी दावा किया कि मानसी को अब तक दो लाख 35 हजार रुपये दिए गए हैं। मानसी का लोकार्पण  और विजयपथ जैसे सोशल मीडिया डिजिटल चैनलों पर कहना है कि मेडल जीतने पर उनको कैश अवार्ड मिलता है। अवार्ड सभी तरह के दस्तावेज जमा करने के बाद ही पैसा मिलता है। उनको पहली किस्त के रूप में 48 हजार रुपये 2020 में मिला था। 2021 में मेडल आया था। उस वक्त कैश अवार्ड का पैसा 2022 में युवा महोत्सव के दौरान 87 हजार 750 रुपये मिले थे।

सवाल यह है कि जब मानसी मंत्री की हर बात को गलत बता रही है, तो मंत्री के मीडिया और सोशल प्रभारी तुषार गर्ग किस आधार पर लोगों को सोशल मीडिया में सूचना अधिकार में जानकारी मांगने का दावा कर रहे हैं। उनके अनुसार सारे दावे गलत हैं। जबकि, मानसी के अनुसार यह साफ़ है सेंटर ऑफ एक्सीलेंस 2017 में खुला ही नहीं था। अगर ऐसा ही रहा था, राज्य के कई खिलाड़ी दूसरे राज्यों से खेलते हुए नजर आएंगे। जैसे कई अन्य खिलाड़ी पहले भी दूसरे राज्यों का रुख कर चुके हैं। कई क्रिकेटर देश के लिए खेल चुके हैं। हम उनके लिए उत्तराखंड मूल का खिलाड़ी कहकर ही खुश होते हैं। आखिर इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

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