सुप्रीम कोर्ट को केंद्र ने बताया राफेल से जुड़ी फाइल चोरी

नई दिल्ली – केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राफेल जेट डील से संबंधित दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चोरी हो गए हैं। सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट से कहा कि राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार के लिए दाखिल की गई याचिकाएं उन्हीं दस्तावेजों पर आधारित हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 मार्च की तारीख तय की है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने संयुक्त रूप से सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार के लिए याचिका दायर की थी। इन याचिकाओं पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस एसके कौल और केएम जोसेफ की तीन-जजों वाली बेंच ने ओपन कोर्ट में सुनवाई की।

सुनवाई के दौरान जब प्रशांत भूषण ने सीनियर जर्नलिस्ट एन। राम के आर्टिकल का जिक्र किया, तो अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने इस पर आपत्ति जताई। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि जिस आर्टिकल का जिक्र किया जा रहा है, वो चोरी किए गए दस्तावेजों पर आधारित है और इस मामले में जांच चल रही है।

वेणुगोपाल ने कहा कि ‘द हिंदू’ में सीनियर जर्नलिस्ट एन। राम का पहला आर्टिकल 8 फरवरी को पब्लिश हुआ था और अब दूसरा आर्टिकल भी सुनवाई के दिन ही पब्लिश किया गया है, ताकि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को प्रभावित किया जा सके। उन्होंने कहा कि ये सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है।
वेणुगोपाल ने कहा, ”ये कागजात रक्षा मंत्रालय से पूर्व या मौजूदा कर्मचारी द्वारा चोरी किए गए हैं। ये गोपनीय दस्तावेज हैं और इन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।” इस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उनसे पूछा कि सरकार ने इस मामले में अभी तक क्या कार्रवाई की है।

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