सरकार को वायुसेना ने सौंपे बालाकोट हमले के सबूत

नई दिल्ली – केंद्र सरकार को भारतीय वायु सेना ने पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान के बालाकोट में किए गए पूर्व नियोजित हमले से जुड़ी सेटेलाइट तस्वीरें सौंपी हैं। सरकार को सौंपे गए साक्ष्यों में वायु सेना ने दावा किया है कि उसकी ओर से दागे गए 80 प्रतिशत बम निशाने पर लगे। इससे सेना ने पाकिस्तान के इस दावे का खंडन किया है कि वायुसेना हमला बेकार गया था।

साक्ष्यों के अनुसार भारतीय वायुसेना के मिराज 2000 लड़ाकू विमानों ने बालाकोट हवाई हमले में इजरायली स्पाइस 2000 बम गिराए थे। इन बमों से आतंकी ठिकानों की बिल्डिंग की छतों पर छेद हुआ और बिल्डिंग को आंतरिक रूप से नुकसान पहुंचा है। डोजियर में 12 उच्च गुणवत्ता वाले सेटेलाइट से प्राप्त चित्र हैं।

हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान की ओर से ऐसा दावा किया गया था कि सभी बम जंगल में गिरे थे और इनसे पर्यावरण के अलावा जान-माल को कोई नुकसान नहीं हुआ है।

पाकिस्तान के इस दावे को वायु सेना प्रमुख बीएस धनोआ ने भी खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि अगर भारतीय वायु सेना का निशाना चूक गया तो पाकिस्तान ने बदले में इतनी बड़ी कार्रवाई क्यों की। उन्होंने कहा कि अगर हम किसी योजना के तहत काम करते हैं तो अपना लक्ष्य हासिल करते हैं।

भारतीय वायु सेना ने पूर्व नियोजित तैयारी के साथ 26 फरवरी को बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े ट्रेनिंग कैंप पर निशाना लगाया था। बालाकोट पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत में है। यह हमला केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों पर पुलवामा में किए गए आत्मघाती हमले के प्रतिशोध में किया गया था। पुलवामा हमले में देश के 40 जवान मारे गए थे।

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