मायावती ने कांग्रेस को दी धमकी, 24 घंटे में एमपी और राजस्थान सरकारों ने किया ‘सरेंडर’

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भोपाल। मध्य प्रदेश के कानून मंत्री पीसी शर्मा ने मंगलवार को यहां कहा कि राज्य सरकार, पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा राजनीतिक पार्टियों और दलित कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज किए गए सभी ‘राजनीतिक मामले’ वापस लेगी। यह घोषणा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती द्वारा नई कांग्रेस सरकार को जारी की गई चेतावनी के एक दिन बाद की गई है।
मायावती ने सोमवार को एक चेतावनी भरा बयान जारी कर कहा था कि अगर कांग्रेस बीते साल दलित समूहों द्वारा दो अप्रैल को आहूत भारत बंद के दौरान ‘निर्दोष लोगों’ के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को वापस नहीं लेती है तो उनकी पार्टी राजस्थान व मध्य प्रदेश में सरकार से समर्थन वापस ले लेगी।
कानून मंत्री ने कहा, “कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। भाजपा सरकार के खिलाफ लड़ने वाली किसी भी पार्टी का कोई व्यक्ति जिसे भाजपा सरकार ने जेल भेजा है उन राजनीतिक मामलों को वापस लिया जाएगा।”
मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 114 विधायक हैं और बसपा के दो विधायक हैं। विधानसभा में कांग्रेस के पास बहुमत के आंकड़े से दो सीटें कम हैं। समाजवादी पार्टी का सिर्फ एक विधायक है और उसने भी सरकार को समर्थन दे रखा है। इसके अलावा चार निर्दलीय विधायक हैं।
उधर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि मायावती की मांग जायज है। पिछली सरकार ने कई लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए थे और हमारी सरकार ऐसे सभी मामलों की समीक्षा करने के बाद उन्हें वापस लेगी। कांग्रेस कार्यालय पर मीडिया से बात करते हुए गहलोत ने कहा, “हमारी सरकार इस तरह के सभी मामलों की समीक्षा करेगा ताकि बेगुनाहों की रिहाई सुनिश्चित की जा सके।”
बता दें कि राजस्थान की 200 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 99 विधायक हैं और चुनाव पूर्व सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल का एक विधायक है। इसके अलावा बसपा के छह विधायक व 13 निर्दलीय सदस्य हैं।

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