थाईलैंड की गुफा में फंसे कोच सहित सभी बच्‍चों को बचा लिया गया

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थाईलैंड की गुफा में फंसे सभी बच्‍चों और उनके कोच को बचा लिया गया है। तीन दिन तक चले बचाव अभियान के बाद मंगलवार को सभी को बाहर निकाल लेने में कामयाबी मिल गई। थाइलैंड के उत्तर में चियांग राई इलाके की एक गुफ़ा में 23 जून से बच्चों की एक फुटबॉल टीम फंसी हुई थी। पिछले एक पखवाड़े से अधिक समय से इस घटना में तमाम विपरीत परिस्थितियों के बीच जो बचाव अभियान चल रहा था, वह सफलतापूर्व सम्पन्न हो गया तथा दुनिया भर के लोगों ने राहत की सांस ली।

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे पहली ऐसी विश्व नेता हैं जिन्होंने इन किशोरों को बचाने में मिली सफलता पर प्रसन्नता जताई तथा उन गोताखोरों के जज्बे को सलाम किया जिन्होंने अपनी जान को जोखिम में डालकर इन किशोरों को बचाया। मे ने ट्वीट कर कहा, ‘‘थाईलैंड में गुफा में फंसे हुए लोगों का सफलतापूर्वक बचाव किए जाने के कारण प्रसन्न हूं। विश्व देख रहा था तथा इसमें शामिल सभी लोगों को वह सलाम कर रहा है।’’

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, ‘‘थाईलैंड में खतरनाक गुफा से 12 किशोरों और उनके प्रशिक्षक को सफलतापूर्वक बचाने के लिए अमेरिका की तरफ से थाई नेवी सील और सभी को बधाई।’’

इंग्लैंड के फुटबाल क्लब मैनचेस्टर यूनाटेड ने ‘वाइल्ड बोर्स’ तथा बचाव अभियान में शामिल सभी लोगों को इंग्लैंड आने और क्लब का दौरा करने करने का न्योता दिया. क्लब ने ट्वीट कर कहा, ‘‘कितना खूबसूरत क्षण.. सभी बच गये. महान कार्य।’’

बता दें कि गुफा से सफलतापूर्वक बाहर निकाले गये किशोरों की उम्र 11 से 16 वर्ष के बीच है। ये किशोर फुटबॉल का अभ्यास करने के बाद 23 जून को उत्तरी थाईलैंड के पर्वतीय क्षेत्र में स्थित थाम लुआंग गुफा में चले गये थे। गुफा में अंदर जाने के बाद भारी बारिश होने से बाढ़ का पानी गुफा के भीतर घुस गया और गुफा से निकलने का रास्ता कीचड़ और फिसलन भरा होने के कारण बहुत खतरनाक हो गया।

बचाव दल के प्रमुख नारोंगसाक ओसोतानाकोर्न ने बताया कि एक चिकित्सक तथा तीन थाई नौसेना के गोताखोर भी बाद में गुफा से निकल आये। ये चारों गुफा से सबसे बाद में बाहर आये। इन लोगों ने नौ अंधकारमय दिन गुफा में बिताये। इसके बाद दो ब्रिटिश गोताखोर इन तक पहुंचने में कामयाब हुए। किशोर कमजोर होने के बावजूद काफी उत्साहित नजर आ रहे थे। इन किशोरों में से अधिकतर को तैरना नहीं आता था और किसी के पास गोताखोरी का अनुभव नहीं था। लिहाजा बचावकर्ताओं ने उन्हें मास्क पहनना तथा ऑक्सीजन सिलेंडर की मदद से पानी के भीतर सांस लेने का प्रशिक्षण दिया।

अधिकारियों को इन्हें भीतर से सुरक्षित निकालने की योजना को तैयार करने में बहुत माथा पच्ची करनी पड़ी। इसका कारण था कि उन्हें गुफा के भीतर चार किलोमीटर से अधिक जाना था और कुछ सुरंगें तो बेहद संकरी थीं।

थाई नेवी सील के एक पूर्व गोताखोर की गुफा में आक्सीजन की कमी के चलते शुक्रवार को हुई मौत के कारण बचाव मार्ग के खतरों को लेकर आशंकाएं बहुत बढ़ गयीं थीं। थाईलैंड के प्रधानमंत्री प्रयुत चान ओ चा ने मंगलवार को खुलासा किया कि इन किशोरों को कुछ दवा दी गयी ताकि वे शांत रह सकें। उन्होंने कहा, ‘‘यह मामूली बेहोशी वाली दवा थी ताकि उन्हें उद्विग्नता से बचाया जा सके।’’

अब जबकि सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, इस विभीषिका से गुजरने वाले लोगों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई जा रही है। विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि दूषित पानी अथवा पक्षियों या चमगादड़ों के मल से संक्रमित होने वाले पानी के कारण फंसे रहे लोगों को खतरनाक संक्रमण हो सकता है।

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