तत्काल टिकटों की कालाबाजारी का मास्टरमाइंड निकला CBI का प्रोग्रामर

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लखनऊ। रेलवे के तत्काल रिजर्वेशन सिस्टम को ध्वस्त कर सैकड़ों की संख्या में तत्काल टिकट बुक करने वाला अजय गर्ग सीबीआई का प्रोग्रामर था।
अजय गर्ग 2007 से 2011 के बीच आईआरसीटीसी के लिए काम करता था। वहीं उसे रेलवे टिकटिंग सिस्टम के बारे में गहराई से पता चला। इसके पश्चात उसका चयन 2012 में सीबीआई में सहायक प्रोग्रामर के तौर पर एक प्रक्रिया के तहत हुआ था, जहाँ वह अपनी सेवाएं दे रहा था।
सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि अजय ने एक अवैध सॉफ्टवेयर बनाया था, जिसके जरिए एजेंट एक बार में सैकड़ों टिकट बुक कर सकते थे और अधिक पैसे लेकर टिकटों की कालाबाजारी करते थे जबकि जरूरतमंद यात्री टिकट से वंचित रह जाते थे। अधिकारी ने बताया कि अजय गर्ग का मुख्य सहयोगी उत्तर प्रदेश के जौनपुर का अनिल गुप्ता नामक एक व्यक्ति था जिसे जौनपुर जिले स्थित उसके घर से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह सहयोगी एजेंटों को सॉफ्टवेयर बेचा करता था। इनके अलावा 10 एजेंटों की पहचान की गई है, जिनमें से 7 जौनपुर और 3 मुंबई में हैं। अनिल गुप्ता को पांच दिन की ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली भेजा गया है। वहीं, अजय को साकेत की एक विशेष अदालत में बुधवार को पेश किया गया, जहां से उसे 5 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया है।

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