कट्टरवाद से उदारवाद की ओर बढ़ रहा सऊदी अरब

0
291

कट्टर रूढ़िवादी मुस्लिम देश सऊदी अरब में अब तेजी से सामाजिक बदलाव की हवा चल रही है। इस बदलाव की नई फेहरिस्त में वहां पिछले तीन दशक से लगे सिनेमाघरों पर पुराने प्रतिबंध को हटा लिया गया है। सऊदी अरब के संस्कृति और सूचना मंत्रालय का कहना है कि विभाग तत्काल प्रभाव से सिनेमाघरों को लाइसेंस जारी करना शुरू कर देगा और अगले साल मार्च तक पहला सिनेमाघर शुरू हो सकता है।
सऊदी अरब के 32 वर्षीय राजकुमार मुहम्मद बिन सलमान ने अपने देश को पुराणी रूढ़िवादी और कट्टर परम्पराओं से निजात दिलाने और उदारवादी नीति अपनाने के चलते कई साहसिक फैसले लिए हैं। उनके इन फैसलों को दुनिया भर में सराहा जा रहा है। वह अपने उस वादे पर आगे बढ़ रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका देश अब उदारवादी इस्लाम को अपनाएगा।
सऊदी अरब के इस उदारवादी नीति का ही परिणाम था कि सितंबर में एक आदेश जारी कर महिलाओं को पहली बार ड्राइविंग की अनुमति मिली। सऊदी अरब दुनिया का एकमात्र ऐसा देश था जहां महिलाओं के गाड़ी चलाने पर प्रतिबंध लगा हुआ था। हालाँकि यह यह आदेश जून, 2018 से लागू होगा।
इसके अलावा स्टेडियम में जाकर महिलाओं को मैच देखने की इजाजत भी अब सऊदी अरब ने दे दी है। इससे पहले वहां पर सिर्फ पुरुष ही स्टेडियम जा सकते थे। हालांकि इसकी शुरुआत भी अगले साल से ही हो सकेगी। इस देश के तीन बड़े शहरों रियाद, जेद्दा और दम्माम में लोग महिलाओं के साथ स्टेडियम में मैच देखने जा सकेंगे।
सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सऊदी समाज के आधुनिकीकरण और यहाँ की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देने के लिए लगातार सुधार कर रहे हैं। सुधारों की दिशा में सऊदी अरब ने सितंबर, 2017 में एक और ऐतिहासिक फैसला व्हॉट्सएप और स्काइप जैसी वॉइस और वीडियो कॉल ऐप से पाबंदी हटाने का लिया। वहां के लोगों के लिए इससे पहले वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) के इस्तेमाल पर बैन था, अब वे इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल कर सकेंगे। 2011 में चर्चित अरब क्रांति के बाद सरकार के खिलाफ कई प्रदर्शन और व्यापक आंदोलन के बाद सऊदी अरब सरकार ने इंटरनेट पर सेंसर लगा दिया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here