कमिश्नर की रिपोर्ट से हुआ खुलासा, हिंसा के लिए BHU प्रशासन जिम्मेदार

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वाराणसी। प्रधान मंत्री मोदी के दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) में छेड़खानी के विरोध में धरने पर बैठी छात्राओं के ऊपर पुलिस के लाठी चार्ज और हिंसा पर वाराणसी के मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मुख्य सचिव राजीव कुमार को सौंप दिया है। इस रिपोर्ट में गोकर्ण ने BHU प्रशासन को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीड़त की शिकायत का संवेदनशील तरीके से निपटारा नहीं किया और समय पर स्थिति को नहीं संभाला।

हालाँकि इससे पूर्व बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा था कि मामले की शुरूआत में छात्राओं को कुछ मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत थी लेकिन अब मामला बदल गया है। बड़ी मात्रा में बाहर से लोग आए जिन्होंने इस आंदोलन को हवा देने की कोशिश की। हमें जानकारी मिली है कि बाहर से आए कुछ असमाजिक तत्वों ने विश्वविद्यालय परिसर के माहौल को खराब करने की कोशिश की।

त्रिपाठी ने कहा था कि परिसर के अंदर बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले भी इस तरह के मामले में कड़े कदम उठाए हैं और इस मामले में भी उठाएंगे। कुछ छात्राओं ने सीसीटीवी लगवाने की मांग की जिसकी प्रकिया शुरू हो गई है। कुछ छात्राओं ने मुझसे कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्राओं की परेशानियों की तरफ ज्यादा संवेदनशील होना चाहिए, मैं उन छात्राओं की मांग से सहमत हूं। विश्वविद्यालय प्रशासन इस पर ध्यान दे रहा है।

गौरतलब है कि विश्वविद्यालय परिसर में ही छात्रा से छेड़छाड़ के बाद छात्राओं के शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन और फिर हुई हिंसात्मक घटना के बाद से ही त्रिपाठी विवादों में आए।वहीं दूसरी ओर त्रिपाठी को दिल्ली तलब किया गया है। सूत्रों का कहना है कि उन्हें लंबी छुट्टी पर भेजा जा सकता है।

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